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पुरषों की ये गलतियों से महिलायें नहीं हो पाती प्रेग्नेंट
 

वैसे तो महिलाओं में गर्भधारण को कई बातें प्रभावित करती हैं। डॉक्‍टर्स का मानना है कि इस स्थिति के लिए किसी एक बात या स्थिति को जिम्‍मेदार नहीं ठहराया जा सकता। किसी महिला की ऑव्यूलेशन डेट क्या है इस बारे में जानना कई बार मुश्किल हो जाता है। ज्यादातर फीमेल्स को लगता है कि पीरियड का फर्स्ट डे जब शुरू होता है उसके 14 दिन बाद ऑव्यूलेशन डेट होती है। लेकिन सबके साथ एक जैसा रूल फॉलो नहीं होता। ये आपके मेन्स्ट्रुअल साइकल पर निर्भर करता है। इसलिए अगर आप प्रेग्नेंट होना चाहती हैं तो ऑव्यूलेशन के दिनों में सेक्स करना बेहद जरूरी है क्योंकि तभी गर्भधारण होने की संभावना सबसे अधिक होती है।

आमतौर पर अगर आपका पीरियड्स साइकल 28 दिनों का है तो 10 से 17 दिनों के बीच में आपका ऑव्यूलेशन होगा। बेहतर यही होगा कि आप ऑव्यूलेशन किट खरीदें और निश्चित हो जाएं। जब बात बच्चे की प्लानिंग की आती है तो आपको हर चीज का ध्यान रखना पड़ता है और इसी में से सबसे अहम पॉइंट ये भी है कि आखिर आप कितना सेक्स कर रहे हैं। अगर आप सोचती हैं कि सिर्फ ऑव्यूलेशन के दिनों में सेक्स करने से आप प्रेग्नेंट हो जाएंगी तो ऐसा नहीं है। अगर आप कम सेक्स करती हैं और किसी भी वजह से अगर आप ऑव्यूलेशन डेज में सेक्स नहीं कर पातीं तो प्रेग्नेंसी के चांसेज वैसे ही घट जाएंगे। हफ्ते में 1 बार की बजाए 2 से 3 बार सेक्स जरूर करें। साथ ही साथ स्पर्म की क्वॉलिटी भी घट जाती है अगर लगातार 3 दिनों तक सेक्स न किया जाए। ऐसे में रेग्युलर इंटरवल में सेक्स करते रहें।

कैसे होता है ये

दरअसल मोटापे से ओव्यूलेशन प्रभावित होता है। वजन बढ़ने से हार्मोन प्रभावित होते हैं, इससे ओव्यूलेशन प्रभावित होता है और गर्भधारण की संभावना कम हो जाती हैं।

गर्भधारण की सही उम्र

22 से 34 वर्ष की उम्र में गर्भावस्था को प्राथमिकता दें। इस अवधि में गर्भधारण की क्षमता बेहतर मानी जाती है। 18 से 25 वर्ष तक अपने बीएमआई को मेंटेन रखे। बीएमआई के कम या बहुत ज्यादा होने पर मां बनने में खतरा हो सकता है. नियमित व्यायाम करें और हेल्दी फूड लें। इससे गर्भधारण की संभावना बढ़ती है। वजन अधिक हो तो फैट और चीनी युक्त भोजन कम से कम करें। जितना हो सके फल, हरी पत्तेदार सब्जियां और सलाद खाएं।