केरल त्रासदीः पांच हजार मलयाली परिवार इस बार नहीं मनाएंगे ओणम

जबलपुर। शहर के मलयाली समाज में इस बार ओणम नहीं मनाया जाएगा। केरल में बाढ़ से आई त्रासदी के बाद समाज ने ये निर्णय लिया है। दुख की इस घड़ी में शहर के 5 हजार परिवारों ने मिलकर मदद भेजने की ठानी है। सिर्फ जबलपुर ही नहीं इंदौर, भोपाल, ग्वालियर समेत अन्य शहरों में भी मलयाली समाज ओणम पर्व को नहीं मना रहा है। वो पर्व पर खर्च होने वाली राशि को केरल में जरूरतमंदों को भेजेंगे। समाज के कई लोग अपने-अपने शहरों में बचाव कार्य के लिए निकल चुके है। कई यहां रहकर राहत सामग्री जुटाने की तैयारी कर रहे हैं।मलयाली समाज ने केरल में बाढ़ से मची तबाही के बाद ये निर्णय लिया। केरला भवन कटंगा में समाज की बैठक हुई। समाज ने तय किया कि दुख की इस घड़ी में मलयाली समाज 25 अगस्त को होने वाले ओणम पर्व को नहीं मनाएगा। जबलपुर में समाज 2 सितम्बर को ओणम मनाने की तैयारी कर रहा था। केरल में ओणम सबसे प्रमुख त्यौहार है। भगवान महाबली का धरती में आगमन को लेकर यह त्योहार मनाया जाता है। सावन महीने के आखिरी हफ्ते में ये त्योहार मनाया जाता है। मलयाली समाज के सचिव शाजी गंगाधरन ने बताया कि फसल की पैदावार होने की खुशी भी ओणम में जाहिर की जाती है।

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