कश्मीरी नेता को सीक्रेट फंड में 6 लाख रुपए महीना मिलते थे

नई दिल्ली, एजेंसी। जम्मू-कश्मीर के अलगाववादी नेता ने हुर्रियत लीडर सैयद अली शाह गिलानी के बारे में बहुत बड़ा खुलासा किया। न्यायिक हिरासत में चल रहे इस नेता ने गिलानी पर “सीक्रेट फंड” मिलने का आरोप लगाते हुए बताया कि गिलानी को लाखों रुपये का फंड मिलता था और वह हर हफ्ते फंड का डिटेल भी नष्ट कर देते थे।

बता दें कि एक अंग्रेजी अखबार ने गवाह की जानकारी गुप्त रखते हुए बताया कि वह गिलानी के करीबियों में से एक है। उसे जांच एजेंसी एनआईए ने “आतंकी फंडिंग” और भारत के खिलाफ युद्ध के षडयंत्र रचने के मामले में गिरफ्तार किया था। एजेंसी ने 2017 में मुंबई धमाके के मास्टरमाइंड हाफिज सईद और हिजबुल मुजाहिदी के सरगना सयैद सलाउद्दीन समेत 15 को नामजद किया था।

अखबार का दावा है कि गिलानी के करीबी ने दिल्ली मैजिस्ट्रेट के सामने सारे राज उगल दिए हैं। तहरीक-ए- हुर्रियत फाइनेंस की जानकारी देते हुए इस गवाह ने बताया कि गिलानी जिस फंड को मेंटेन करते थे उसमें हर महीने 6-8 लाख रुपये आते थे, अधिकांश लोगों को इस फंड की जानकारी नहीं थी। फंडिंग में कश्मीरी व्यापारी जहूर वटाली का योगदान सबसे ज्यादा था।

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इस बयान के आधार पर ही वटाली और जम्मू कश्मीर बैंक के खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरो ने आगे की कार्रवाई करते हुए वटाली और उसके साथ कई अलगाववादी नेताओं को गिरफ्तार करके 2017 में चार्जशीट दाखिल किया गया। इसमें वटाली को हाईकोर्ट से जमानत मिल चुकी थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट से खारिज हो गई।

अपने 20 पन्नों के कबूलनामें में अलगाववादी नेता ने कहा, “रमजान के महीने में तहरीक-ए-हुर्रियत कश्मीर के सभी अखबारों में चंदे के लिए इश्तेहार छपवाता था। इसमें तहरीक-ए-हुर्रियत के कार्यकर्ता और पदाधिकारी चंदा देते थे। इसमें से 60 फीसदी फंड जिलाध्यक्ष के पास जाता था, जबकि 40 फीसदी हिस्सा गिलानी के पास। इस बयान में कहा गया है कि श्रीनगर से 20 लाख रुपये का कलेक्शन रहा है, जबकि बारामूला से हर साल 20 लाख रुपये आते थे।

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