एक साल के अंतराल में अन्तरिक्ष से होगी सभी ट्रेनों की निगरानी, इसरो ने किया दावा

इसरो, एजेंसी | आप सोचते होंगे कि इसरो का कार्य केवल अन्तरिक्ष में उपग्रह भेजना या राकेट भेजना है ही है जबकी ऐसा नहीं है। इसरो इस कामों के अलावा देश की भलाई  के लिए अन्तरिक्ष से क्या किया जा सकता है, ऐसी बातों का भी ध्यान रखता है। इसरो द्वारा किये गये ऐसे कार्यों में मौसम की जानकारी देना, मुसाफिर को गंतव्य तक पहुंचाना, आपदा तथा राहत बचाव के कार्य में मदद करना आदि शामिल हैं। इस क्दिमें इसरो ने 2013 में एक और मिशन की तैयारी की ठी जो कि अब लग रहा है कि पूर्ण रूप से सफल हो गयी है।

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दरअसल इसरो ने 2013 में GEO-aided GEO Augmented Navigation प्रणाली कि एक सफल शुरुआत की थी। शुरुआत में इस प्रणाली से केवल वायुयानों को ही सुविधा प्राप्त हो रही थी लेकिन अब ये सुविधा ट्रेनों के लिए भी संभव हो गयी है। देश में कितनी ट्रेनों का संचालन हो रहा है, उसकी रफ़्तार, कहाँ से कहाँ और कब पहुँचने वाली है इस प्रकार की पूर्ण जानकारी देने में इसरो भारतीय रेलवे की मदद करेगा। इसरो द्वारा संचालित गगन की वजह से ट्रेनों के परिचालन में आसानी होगी। आपको बता दें कि फिलहाल देश में 12000 लोकोमोटिव इंजन मौजूद हैं। जिसमें से लगभग 6000 ट्रेनों में गगन के सिस्टम लग चुके हैं। जिस से उन रेलों की निगरानी सीधे अन्तरिक्ष से हो रही है। इसके बाद इसरो ने दावा किया है कि बाकी कि ट्रेनों में भी एक साल के अन्दर गगन के सिस्टम लगा दिए जायेंगे। जिससे भारतीय रेलवेज की सम्पूर्ण निगरानी अन्तरिक्ष से संभव हो जायेगी तथा कार्य में आसानी हो जायेगी।

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