रिस्क के बिना आगे बढ़ पाना नामुमकिन है – सोनाक्षी सिन्हा (साक्षात्कार)

सोनाक्षी सिन्हा ने ’दबंग’ (2010) से लेकर अब तक आठ साल के अपने करियर में बाॅक्स आॅफिस पर जोरदार कामयाबी और घोर नाकामी दोनों तरह के स्वाद चख लिए। मेन लीड वाली उनकी पिछली फिल्म ’इत्तेफाक’ (2017) भले ही ज्यादा नहीं चली लेकिन सोनाक्षी के काम की तारीफ हुई। इससे उनके करियर को एक बड़ा फायदा यह हुआ, कि अब उन्हें अच्छे आॅफर मिलने लगे हैं।
कल तक जो सोनाक्षी महज शो पीस के रूप में जानी जाती थी ’इत्तेफाक’ के बाद आलोचक भी उनके करियर में आए बदलाव को लेकर हैरान हैं। करण जौहर की अभिषेक वर्मन निर्देशित मल्टी स्टाॅरर ’कलंक’ में सोनाक्षी को चैंकाने वाला किरदार मिला है। संजय दत्त, माधुरी, वरूण धवन, और आलिया भट्टट्ट जैसे स्टार्स के अपोजिट सोनाक्षी सिन्हा एक बंजारन का किरदार निभा रही हैं। फिल्म में उनका पेयर आदित्य राॅय कपूर के साथ होगा।
सोनाक्षी सिन्हा ने ’अकीरा’ (2016) और ’नूर’ (2017) के साथ सिंगिंग की शुरूआत की थी। अब ’हैप्पी फिर भाग जाएगी’ के लिए भी उन्होंने एक गीत गाया है। आनंद एल राॅय की इस फिल्म में सोनाक्षी डाॅयना पेंटी के साथ मुख्य किरदार में हैं।
सोनाक्षी का कहना है कि ’हैप्पी भाग जाएगी’ (2016) के लिए वह पहली पसंद थी लेकिन ’अकीरा’ में व्यस्त होने के कारण वो फिल्म साइन न कर सकी और इस तरह डायना पेंटी को वह अवसर मिला लेकिन आनंद एल. राय ने सोनाक्षी के इस दावे का खंडन करते हुए कहा है कि ’हैप्पी भाग जाएगी’ के लिए उनकी पहली पसंद सिर्फ और सिर्फ डायना ही थी। इसके बाद डायना के साथ सोनाक्षी की कैट फाइट की चर्चाएं जोरों पर हैं।
आशुतोष गोवारिकर, मराठी की सुपर हिट फिल्म, ’आपला मानूस’ का हिंदी रीमेक बनाने जा रहे हैं। इसके लिए करीना कपूर से बातचीत हुई थी लेकिन करीना ने तारीखों की कमी के चलते फिल्म स्वीकार नहीं की। अब करीना की जगह सोनाक्षी सिन्हा का नाम फायनल होने की खबर है।
’रेस 3’ के बाद धर्मेन्द्र के होम प्रोडक्शन की ’यमला पगला दीवाना फिर से’ में सोनाक्षी एक दमदार कैमियो में नजर आएंगी। सलमान खान स्टाॅरर ’दबंग 3’ में सोनाक्षी सिन्हा मौनी राॅय के अपोजिट हैं। अभी फिल्म के लिए उन्होंने कैमरा फेस भी नहीं किया है लेकिन दोनों के बीच मतभेद शुरू हो चुके हैं। प्रस्तुत हैं सोनाक्षी सिन्हा के साथ सुभाष शिरढोनकर के द्वारा की गई बातचीत के मुख्य अंशः

एक और ’दबंग’, ’राउडी राठौर’, ’सन आॅफ सरदार’ जैसी सुपर हिट फिल्में तो दूसरी और ’नूर’, ’अकीरा’ और ’इत्तेफाक’ जैसी प्रयोगात्मक फिल्में पिट जाना। इस अर्श से फर्श तक की जर्नी पर क्या कहेंगी ?
दोनों ही सूरतों में मुझे फायदा हुआ हुआ। एक ही सिक्के के दोनों पहलू देखने के बाद मैं समझ चुकी हूं कि ’हिट’ का शोर शराबा और ’फ्लाॅप’ की मायूसी, दोनों बेमानी हैं। यदि मेरे पास काम है और मेरी अगली फिल्म शुरू हो चुकी है तो मेरी कोशिश यही होती है कि पहले वाली गलतियों को न दोहराऊं और अपना काम दिल से करते हुए 100 प्रतिशत लगा दूं।

जिस वक्त लगातार नाकाम फिल्मों की श्रृंखला के बाद आपको खत्म मान लिया गया था, आप कैसा महसूस कर रही थीं ?
फिल्म का चलना या न चलना आडियंस के हाथ में है और जो चीज मेरे हाथ में नहीं है, उससे मैं खुद को, परेशान नहीं करती। मुझे मेरी फ्लाॅप फिल्मों से बहुत कुछ मिला। एक्टिंग में आने से पहले मैंने एक्टिंग क्लासेस नहीं की थी इसलिए मैंने जो कुछ भी सीखा वह अपनी हिट और फ्लाॅप फिल्मों से ही सीखा।

’तेवर’, ’अकीरा’ ’फोर्स 2’ और ’नूर’ जैसी फिल्में न चलने के बाद अपने प्रति लोगों के नजरिए में कितना बदलाव महसूस करती हैं ?
मुझे नहीं लगता कि किसी तरह का बदलाव आया है क्योंकि जो लोग मेरे साथ काम करना चाहते हैं उन्हें इस बात से फर्क नहीं पड़ता कि मेरी फिल्में चल रही हैं या नहीं। वे मेरे साथ सिर्फ इसलिए काम करना चाहते हैं क्योंकि वे जानते हैं कि मैं एक एक्टर के तौर पर उस फिल्म के लिए उनकी अपेक्षाओं पर खरी साबित होऊंगी। यदि बात आॅडियंस के नजरिए की है तो वह तो हर फ्राइडे बदलता रहता है।

तो क्या आप अपने कद्रदान दर्शकों की कतई परवाह नहीं करती हैं ?
क्यों नहीं करती। आज मेरी जो भी लाॅयल आॅडियंस है, वह मेरी फिल्मों, और मेरे काम की वजह से ही है। मेरी हर पल यही कोशिश होती है कि उनकी अपेक्षाओं पर खरी साबित हो सकूं लेकिन इसके बावजूद यदि कुछ आॅडियंस मेरे प्रति अपना नजरिया बदलती है तो मैं उसके लिए क्या कर सकती हूं।

नाकामी ने आपके जोखिम उठाने के हौसले को कितना प्रभावित किया है?
यदि आप रोजाना जो करते हैं, वही करते रहेंगे तो आपको कुछ नया हासिल नहीं हो सकेगा। जो आपको कल मिला, वही आगे भी मिलता रहेगा। रिस्क के बिना जिंदगी में आगे बढ़ पाना नामुमकिन है। मैं मानती हूं कि मेरी कुछ फिल्में नाकाम हुई हैं लेकिन इन फिल्मों ने न सिर्फ मुझे आजादी दी बल्कि आत्मविश्वास भी दिया और मेरी एक जगह बना दी । कामयाब फिल्मों से मुझे यकीन हो गया कि मैं किसी भी फिल्म को अपने कंधे पर उठा सकती हूं।

व्यक्तिगत तौर पर आपको, किस तरह की फिल्में करना ज्यादा पसंद हैं?
मुझे काॅमेडी फिल्में बहुत पसंद हैं। मैं फैमिली एंटरटेनर भी करना चाहती हूं लेकिन मेरी कोशिश यही है कि एक कलाकार होने के नाते हर तरह की फिल्में करूं जो मैं इतने साल से करती भी आ रही हूं। इन आठ साल में मैंने जो फिल्में की हैं उन सभी में, मेरे किरदार एक दूसरे से बिलकुल अलग रहे हैं।

’हैप्पी फिर भाग जाएगी’ के सेट पर डाॅयना पेंटी और आपके बीच कैट फाइट की चर्चा बड़े जोरों पर थी। उन चर्चाओं में कितनी हकीकत थी ?
मुझे समझ नहीं आता कि एक्ट्रेसों के बीच असुरक्षा को लेकर ये बातें सिर्फ फीमेल एक्टर्स के बारे में ही क्यों की जाती हैं जबकि पुरूष, महिलाओं से ज्यादा असुरक्षित होते हैं और ज्यादा गाॅसिप भी करते हैं लेकिन उनके बारे में कोई कभी कुछ नहीं कहता।

दो हीरोइनों वाली फिल्म करते हुए क्या सोचती हैं ?
अगर आप फिल्म में अपने किरदार से खुश हैं तो ये सब बातें मायने नहीं रखती। आपको क्या करना है यह महत्त्वपूर्ण होता है। दूसरा क्या कर रहा है, यह सोचकर तो आप सिर्फ अपना खून ही जला सकते हैं। अगर आप अपने किरदार से खुश नहीं हैं तो या तो आप एडजस्ट करें या फिर फिल्म से बाहर हो जाएं। जब दोनों विकल्प आपके पास हैं तो फिर क्या परेशानी है।

’कलंक’ एक मल्टी स्टाॅरर फिल्म है। इसमें काफी बड़े स्टार्स हैं। उनके साथ काम करने के बारे में क्या कहेंगी?
मैं इस फिल्म का हिस्सा बनकर बेहद उत्साहित और खुश हूं और मेरी खुशी का सबसे बड़ा कारण यही है कि इसकी स्टार कास्ट बेहद शानदार है। मुझे एक साथ, एक ही फिल्म में नये और पुराने कलाकारों के साथ काम करने का अवसर मिलेगा।

’आपला मानूस’ के हिंदी रीमेक में करीना कपूर को रिप्लेस करने पर कैसा महसूस हो रहा है ?
आशुतोष गोवारिकर ने मुझे ’आपला मानूस’ के हिंदी रीमेक का आॅफर दिया है। मुझे जानकारी नहीं है कि यह किरदार पहले करीना करने वाली थीं। मुझे फिल्म की स्क्रिप्ट पसंद है। दूसरे पक्षों पर भी मैं विचार कर रही हूं, उसके बाद ही फिल्म के लिए हां या ना कह सकूंगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *