उत्तराखंड: 7वीं की छात्रा ने हॉस्टल में संदिग्ध परिस्थितियों में दी जान, मौत से पहले पिता को फोन कर मंगाया था सामान

सुन कर ही बड़ा आश्चर्य हो रहा है कि सातवी कक्षा की छात्रा ने संदिग्ध परिस्थितियों में आत्म हत्या कर ली है, आखिर इतनी छोटी बच्ची के दिमाग पर क्या दबाव रहा होगा जो उसने ऐसा कदम उठाया। उत्तराखंड राज्य के खटीमा जिले के नानकमत्ता में एक स्कूल के छात्रावास में सातवीं की छात्रा शुक्रवार सुबह आठ बजे मेस में नाश्ता करने नहीं पहुंची तो छात्रावास की वार्डन उसके कमरे में गई। कमरा अंदर से बंद था। आवाज लगाने के बाद भी छात्रा ने जब दरवाजा नहीं खोला तो उन्होंने लोगों को बुलाकर दरवाजा तुड़वाया। कमरे में छात्रा पंखे को टांगने के लिए लगे पाइप में चुन्नी के सहारे लटकी हुई थी। वार्डन ने घटना की सूचना पुलिस को दी। इस पर थानाध्यक्ष नरेश पाल सिंह, एसआई ललित चौधरी, अविनाश कुमार पुलिसकर्मियों साथ मौके पहुंचे। पुलिस ने शव को उतार कर पोस्टमार्टम के लिए खटीमा भेज दिया है।

बेटी की मौत की सूचना पर सितारगंज निवासी छात्रा के पिता भी पहुंचे। उन्होंने बताया कि उनकी बेटी पिछले वर्ष से हॉस्टल में रह रही थी। छात्रावास में रह रही छात्राओं ने भी बताया कि बीती रात उसने खाना खाया था। आत्महत्या का कारण किसी की समझ में नहीं आ रहा है। पुलिस को कमरे से सुसाइड नोट भी नहीं मिला है। जिसकी वजह से आत्म हत्या का कारण स्पष्ट नहीं हो पा रहा है।

पिता ने बताया कि बृहस्पतिवार शाम उन्होंने अपनी पुत्री  से छात्रावास के फोन पर बात की थी। बताया कि बेटी ने कहा था कि कोर्स ले आना और अन्य सामान की भी मांग की थी। इसके बाद उन्होंने शुक्रवार को आने का वादा किया था। छात्रा के पिता ने बताया कि दस दिन पहले ही वह उसकी फीस जमा करने गए थे। छात्रा को पढ़ाने वाले शिक्षिकाओं ने बताया कि वह बहुत कम बोलती थी और अकेले रहना ही पसंद करती थी। वह कक्षा में किसी कार्य पर ही बच्चों से बात करती थी। अन्यथा वह अकेले रहना ही पसंद करती थी।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर ही छात्रा की मौत का पता चल सकेगा। फिलहाल, मामले की जांच पड़ताल की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
-कमला बिष्ट, सीओ खटीमा

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