वन विभाग की क्षेत्रीय लोगों के साथ यमकेश्वर क्षेत्र में अज्ञात जंगली जानवर के आंतक को लेकर जल्दी बैठक

यमकेश्वर क्षेत्र में पिछले तीन चार सालों से सर्दियों के समय अज्ञात जानवर द्वारा मवेशियों की गौशाला को तोड़कर गोवंश और बकरियों को निवाला बनाया जा रहा था, अब तक लगभग 4 दर्जन मवेशियों का यह जानवर शिकार कर चुका है, जिस कारण क्षेत्र में दहशत का माहौल बना हुआ है। इसको लेकर स्थानीय लोगों में आका्रेश हैं। बताया जा रहा है कि प्रतिवर्ष जनवरी फरवरी माह में यमकेश्वर क्षेत्र के कई गॉव जैसे नीलंकठ, सिदुंड़ी आमड़ी कुमराणा भेलडुंगा, खेड़ा, दलमोगी आदि गॉव में इसके द्वारा मवेशियों को अपना निवाला बनाया जा रहा है। भालू जैसा दिखने वाला यह जानवर गौशाला का दरवाजा नहीं तोड़ता है, बल्कि ऊपर से छानी या छप्पर को फाड़कर ऊपर से ही खींच कर ले जा रहा है, और कंधे से मांस उखाड़ कर खा रहा है। यह जानवर रात के समय ज्यादा आक्रामक है, जिसे स्थानीय लोगों ने चरक नाम दिया है। ग्रामीण क्षेत्र के निवासियों के द्वारा एक दल बनाकर इसके ठिकानों का पता लगाने का प्रयास किया।

ग्रामीण युवा विपिन पेटवाल और सुदेश भट्ट क्षेत्र पंचायत सदस्य बूंगा ने बताया कि पिछले पॉच सालों से यह जानवर मवेशियों को अपना निवाला बना रहा है जिस कारण क्षेत्रीय लोगों में दहशत का माहौल बना हुआ है। इस संबंध में विपिन पेटवाल ने बताया कि लालढांग रेंज के अधिकारियों से इस संबंध में दूरभाष पर जानकारी दी और उनसे इसके समाधान करने की मॉग की, उन्होनें कहा कि यदि वन विभाग उक्त जानवर का समाधान नहीं करता है तो, क्षेत्रीय लोगों द्वारा जन आंदोलन किया जायेगा।

इस संबंध में ऋतु खण्डूरी, क्षेत्रीय विधायक यमकेश्वर ने कहा कि यह मामला मेरे संज्ञान में है, इस अज्ञात जीव के द्वारा क्षेत्रीय लोगों की मवेशियों को निवाला बनाना और इस कारण क्षेत्रीय लोगों में डर होना स्वाभाविक है, इसके लिए हमें मेरी डीएफओ पौड़ी से दूरभाष पर वार्ता हुई, वे विभागीय ट्रेनिग पर थे, उनके संज्ञान में यह मामला आ गया है। क्षेत्र के वन प्रभाग के सभी अधिकारियों को उक्त जानवर का पता लगाने एवं गस्त बढाने के साथ साथ सभी जगह सीसीटीवी कैमरे लगाने के लिए कह दिया गया है। साथ ही वन विभाग से जिन पशुपालकों के मवेशियों को अज्ञात जानवर द्वारा निवाला बनाया गया है, उसके मुआवजा का भुगतान शीघ्रता से किया जाय।

वही डीएफओ अखिलेश तिवारी जी से इस संबंध में जानकारी ली गयी तो उन्होंने कहा कि यह मामला मेरे संज्ञान में आ गया है, अभी मैं विभागीय ट्रेनिन में शामिल होने से इस प्रकरण को पूरी तरह नहीं जान पाया था, लेकिन विभागीय अधिकारियांं सम्पर्क कर ज्ञात हुआ कि क्षेत्र में कर्मचारियों की गस्त बढा दी गयी है। इस संबंध में जल्दी ही एक विभागीय बैठक क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों के साथ एवं क्षेत्रीय जनमानस के साथ आयोजित की जायेगी, उक्त अज्ञात जानवर के संबंध में उचित निर्णय लिया जायेगा।

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