युवतियों की फेसबुक पर दोस्ती प्यार में बदली लेकिन शादी में अड़चन

दो युवतियों ने एक-दूसरे से प्यार के बाद शादी करने की ठानी, लेकिन उनकी इस चाहत में बाधा सामने आ गई है। संयुक्त मजिस्ट्रेट की अदालत में इन दो युवतियों ने आपस में विवाह के लिए आवेदन किया, लेकिन संयुक्त मजिस्ट्रेट ने आवेदन लेने से इंकार कर दिया।

ठाकुरद्वारा (मुरादाबाद) गांव की युवती फेसबुक से पैगा चैकी काशीपुर गांव की युवती के संपर्क में आई और दोनों के पिछले दो साल से समलैंगिक संबंध बने। दोनों युवतियों ने उच्चतम न्यायालय आदेश के हवाले सेे विवाह करने का फैसला किया। उन्होंने महिला वकील हेमा जोशी से संपर्क किया उन्होंने इन युवतियों को आवेदन के लिए काशीपुर बुलाया।

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एक महिला अधिवक्ता दो युवतियों का आपस में विवाह पंजीकृत कराने के बारे में जानकारी लेने आईं थी। उन्हें विशेष विवाह अधिनियम में ऐसा कानून न होने के बारे में बता दिया गया है। वयस्क होने के चलते युवतियां चाहें तो साथ रह सकतीं हैं।
– हिमांशु खुराना, संयुक्त मजिस्ट्रेट, काशीपुर

वकील ने विवाह पंजीकरण कराने कार्यवाही के लिए संयुक्त मजिस्ट्रेट हिमांशु खुराना से संपर्क किया तो संयुक्त मजिस्ट्रेट ने कहा कि विशेष विवाह अधिनियम में समलैंगिकों के विवाह के लिए कोई प्रावधान नहीं है, इसे लेकर अभी कानून पारित नहीं हुआ है। दोनों युवतियां बालिग हैं। वे मर्जी से साथ रहने को स्वतंत्र हैं। यदि वे सुरक्षा की मांग करतीं हैं तो उन्हें नियमानुसार सुरक्षा प्रदान की जा सकती है। उनके वकील ने यह जानकारी देकर दोनों युवतियों को लौटा दिया।

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