तालघाटी में विद्युतीकरण होने के बाद भी अंधेरे के साये में क्षेत्रीय निवासी, बोर्ड परीक्षा के विद्यार्थी अंधेरे में कैसे करें पढ़ाई

तालघाटी में विद्युतीकरण होने के बाद भी अंधेरे के साये में क्षेत्रीय निवासी, बोर्ड परीक्षा के विद्यार्थी अंधेरे में कैसे करें पढ़ाई

यमकेश्वर प्रखंड की तालघाटी क्षेत्र में विद्युतीकरण होने के बावजूद भी लोग अंधेरे के साये में जी रहे हैं, उधर विभाग सोया हुआ है। तालघाटी के साइकिलवाड़ी कण्डरह गाँव मे पिछले 4 -5 दिनों से से बिल्कुल डिम लाइट थी, कल बारिश होने के बाद तो वह डिम लाइट भी नही है। क्षेत्रवासियों के मोबाइल चार्ज नही होने के कारण बंद हो रखे हैं, क्षेत्र के निवासियों का कहना है कि यँहा हम अपने बिजली बिल समय जमा करने के लिये 7 किलोमीटर दूर किमसार खड़ी चढ़ाई चढकर जाते हैं, लेकिन विद्युत विभाग इतना लापरवाह बना है कि इतने दिन से क्षेत्र में विद्युत व्यवस्था चरमराई है, यँहा फ़ोन बंद हो रखे हैं, अपने परिजनों से फ़ोन पर बात नहीं हो पा रही है।

क्षेत्र के लोगो का कहना है कि यदि कभी कस्याली में रिपोर्ट दर्ज की जाती है तो हप्तों तक भी बिजली व्यवस्था सुचारू नही होती, विभागीय अधिकारी को फोन पर बतावो तो वह कहते हैं कि कस्याली में फोन करो, इसी असमंजस में लोग रहते हैं कि अपनी शिकायत कँहा दर्ज करे।

क्षेत्रीय निवासियों ने बताया कि पहले ग्रेन डीलर से केरोसीन तेल मिल जाता था तो लैम्प आदि से उजाला कर लेते थे, अब मोमबत्ती का सहारा है। वंही आगामी बोर्ड परीक्षा देने वाले विद्यार्थियों का कहना है कि मार्च के पहले सप्ताह में बोर्ड परीक्षाये है, लेकिन अपनी तैयारी अंधेरे में कैसे करें, मजबूरी में हम मोमबत्ती जला कर बमुश्किल पढ़ पा रहे हैं।

बिजली नही होने के कारण और गांव में सौर ऊर्जा की स्ट्रीट लाइट नही होने से लोग डर के साये में 6 बजे ही कमरों में दुबक जाते हैं, क्योकि बाहर जंगली जानवरों के भय बना रहता है। क्षेत्रीय लोगो ने कहा कि यदि दो दिन में  बिजली नही आई तो हम आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।

हरीश कंडवाल मनखी की कलम से।

Loading...

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *