स्लिम बने रहने के लिए खाएं संभल कर

हैल्दी और स्लिम बने रहने के लिए पौष्टिक आहार का लेना उचित है, यह सच है। इस भागदौड़ के जीवन में हमेशा हैल्दी खाना संभव नहीं हो पाता। दिन भर में कुछ न कुछ जंक हो ही जाता है। कभी कभी या दिन भर में 10 प्रतिशत जंक खाना हो जाता है तो इसे बहुत बड़ा इश्यू न बनायें बल्कि ध्यान दें कि जो अनहैल्दी मैंने खाया है, इसे कैसे बराबर करूं ताकि मैं स्वस्थ और स्लिम बनी रहूं।
आदतन जंक फूड खाना तो कई बीमारियों को न्यौता देना है। स्लिम और हैल्दी रहने के लिए क्या खाना चाहिए, क्या नहीं, यह अक्सर लोगों को परेशान करता रहता है। इसके लिए एक फंडा बनाएं कि कम से कम 90 प्रतिशत भोजन घर का ताजा और पौष्टिक लें और अधिक से अधिक 10 प्रतिशत फन फूड।
अपने भोजन को प्लान करें-
दिन भर के तीन मुख्य आहार जो आपको अवश्य लेने हैं, इनकी योजना बना कर रखें। बाजार से सब्जियां व फल उसी आधार पर खरीद कर रखें। जंक भोजन के पैकेट्स को अपनी खरीदारी में स्थान न दें भी तो एक दो आपात्कालीन समय के लिए लेकर रखें। प्रातः नाश्ते में क्या खाना है, दिन में आफिस क्या ले जाना है और रात्रि में वापिस आकर क्या खाना है। इसकी योजना दिमाग में पहले ही बना कर रखें। बहुत सारे लोग पहले विचार बना कर नहीं रखते और अंत समय में उन्हें जंक फूड खाकर गुजारा करना पड़ता है। दिमाग में यह डाल लें कि भोजन की प्लानिंग बहुत आवश्यक इश्यू है। इसे नजरअंदाज न करें।
रात्रि का भोजन करें घर पर-
रात्रि का भोजन घर पर ही करें क्योंकि बाहर का खाना अधिक गरिष्ठ होता है जो हम सोने तक पचा नहीं सकते। नतीजा होता है मोटापा और गैस्ट्रिक समस्या। घर पर नार्मल भोजन ही खाएं, एक मध्यम आकार कटोरी दाल और हरी सब्जी खुश्क चपाती के साथ। अधिकतर दिन घर पर ही भोजन करें।
शुगर का सेवन कम करें-
शुगर का अधिक सेवन मोटापे और बीमारियों को पास बुलाना है। दिन भर में शुगर का सेवन सीमित ही करें। अगर दिन में कैंडीज, कुकीज, चाॅकलेट, केक, पेस्ट्री का सेवन करते हैं तो दिन भर में और शुगर न लें। कुछ लोग स्वाद को बढ़ाने के लिए दूध व सीरियल्स में अलग से चीनी लेते हैं। इससे शरीर में आवश्यकता से अधिक चीनी चली जाती है। अगर दिन में दो कप चाय लेते हैं तो चीनी वाली चाय के साथ एक-दो मेरी के बिस्कुट लें। शुगर वाले रोगियों को डाॅक्टर से पूछ कर ही शुगर का सेवन करना चाहिए।
दिन भर कुछ न कुछ खाना-
कुछ लोगों की दिन भर मंचिंग करने की आदत होती है जो गलत है। ऐसे लोगों के खाने की आदत माइंडलेस ईटिंग की कैटेगरी में आती है कि जब मन चाहा, खा लिया। अधिकतर ऐसी ईटिंग हैबिट उनमें होती हंै जो अधिक परेशान रहते हैं या बहुत अधिक व्यस्त रहते हैं। उन्हें जब समय मिला, जो मिला, वो खा लिया। कुछ लोग टीवी देखते समय, कंप्यूटर पर काम करते समय, फोन करते समय कुछ न कुछ खाते रहते हैं। यह गलत आदत है, इससे मोटापा बढ़ता है और शरीर को कुछ न कुछ खाने की आदत भी।
बोर होने पर खाना-
कुछ लोग जब बोर महसूस करते हैं तो सोचते हैं चलो चाय पी लें या कुछ खा लें। यह गलत आदत है। भूख न लगने पर खाना सेहत के लिए ठीक नहीं।
लंच ले कर जाएं-
अगर आप वर्किंग हैं तो अपना दिन का मुख्य आहार पैक कर साथ ले जाएं। यह मत सोचें कि आॅफिस में जो मिल जाएगा, खा लेंगे। आॅफिस में मिलने वाला खाना अधिक आॅयली होगा जो आपके शरीर को नुकसान पहुंचाएगा। घर का बना खाना अधिक पौष्टिक होगा। अगर कभी बाहर खाना भी पड़े तो संतुलन बना कर रखें। सब्जी की मात्रा कम लें। सलाद, दही पर ध्यान दें। जो भी मिला, खाकर भूख मिटाने वाले लोग अधिक बीमार रहते हैं।
एक साथ अधिक न खाएं-
अगर आप हैल्दी फूड भी खा रहे हैं तो एक साथ अधिक न खाएं। दिन में उसे बांटकर खाएं जैसे दूध और फ्रूट एक साथ न लें। अगर दिन में खाने के साथ सलाद काफी है तो स्प्राउट्स शाम के स्नैक्स में लें। ब्रेकफास्ट और लंच के बीच फल लें या जूस लें।
डिनर जल्दी लें-
अगर आप घर पर हैं तो डिनर 7 या 7.30 बजे तक ले लें ताकि सोने तक भोजन पचना प्रारम्भ हो जाए। लेट खाया जाने वाला खाना मोटापे की खास वजह है। अगर अधिक भूख न हो तो दूध या फ्रूट ले सकते हैं। रात्रि का खाना हल्का हो तो स्वास्थ्य के लिए हितकर है।
तरल पदार्थों का सेवन भी ध्यान से करें-
बहुत से लोग कोल्ड ड्रिंक्स, डिब्बा बंद जूस, शिकंजी जब चाहे पी लेते हैं पर इनमें बहुत कैलरीज होती हैं। अपनी इस आदत को पानी, नारियल पानी या छाछ पीकर सुधार सकते हैं। सेहत भी अच्छी रहेगी और स्लिम भी रहेंगे।
हर अवसर पर न खाएं-
बहुत से लोग दुःखी हैं, बोर हो रहे हैं, थकान है, खुशी है, बस खाने के बहाने ढूंढ़ते रहते हैं। चाहे भूख हो या न हो, उन्हें तो खाने का अवसर चाहिए। मन से नहीं, दिमाग से सोच कर खाएं।
फन फूड-
वैसे तो फन फूड सेहत के लिए अच्छा नहीं। बेस्ट तो पौष्टिक आहार है। फिर भी कभी कभी 10 प्रतिशत फन फूड का सेवन कर सकते हैं। अगर कभी मजबूरीवश अधिक खा लिया तो उसे अगले दिन कंपेंसेट करें। जंक फूड के बाद कुछ भी ठंडा पेय न लें। संभव हो तो आधे घंटे बाद गुनगुना पानी लें।
अगर आप बीमारी से उठे हैं या बहुत थकान महसूस कर रहें हैं तो फ्रूट, ताजा फ्रूट जूस बीच में लेकर अपने एनर्जी लेवल को बरकरार रख सकते हैं।

-नीतू गुप्ता-

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