आइये जानते हैं… डॉक्टर शंकर गौड़ा के बारे में जो कर रहे हैं जरुरत मंदों का 5 रूपए के इलाज

अक्षर लोगों को हम शहरों के नामी अस्पतालों के बहार लम्बी कतारों में अपनी बारी का इंतज़ार करते हुए देखा करते हैं, जिनकी पास जाने मात्र में लोगों को हजारों रूपए की फीस चुकानी पड़ती है और इतने में मात्र लोगों को मिलते हैं डॉक्टर के चंद मिनट। काश इन हजारों रूपए के परामर्श से लोग सही भी हो जाते तो कोई दिक्कत नहीं होती, जिनके पास धन की दिक्कत नहीं है उनके लिए तो यह कोई बड़ी बात नहीं लेकिन यह भारत देश है जहाँ अधिकतर लोग वह हैं जिनके पास धन का बहुत आभाव है। ऐसे में इन आम लोगों के लिए दिक्कत यह है की अच्छा इलाज पाना है तो पैसा कहाँ से लायें और पैसा नहीं है तो अच्छे डॉक्टर के पास कैसे जाएँ। ऐसे ही लोगों के लिए भगवन का अवतार बन कर आये हैं कर्नाटक के केमडुआ जिले के डॉक्टर शंकर गौड़ा, MBBS, MD.

आपको तस्वीर में साधारण सा दिखने वाला एक व्यक्ति दिख रहा होगा जो एक दिवार के सहारे बैठा कागज के एक छोटे से टुकड़े पर कुछ लिख रहा है और उसके सामने बहुत से लोग खड़े हैं। यही हैं डॉक्टर शंकर गौड़ा, एमबीबीएस, एमडी।

इनके पास अपना चेंबर नहीं है यह बताते हैं कि चेंबर बनाने में 3 से 4 लाख लगेंगे जो उनके पास नहीं है इनका अपना घर इनके शहर से कुछ दूर गांव में है जहां छोटे-छोटे दो कमरे हैं यह बताते हैं कि मेरे मरीज इतनी दूर कैसे आएंगे इसलिए मैं खुद सवेरे 8:00 बजे शहर पहुंचकर एक फास्ट फूड रेस्टोरेंट की दीवार पर बैठकर गरीब मरीजों को देखता हूं।

रोजाना इनके पास लगभग 100 से ऊपर मरीज आते हैं जिनकी यह हर प्रकार की जांच करते हैं और इनको सस्ती जेनेरिक दवाइयां लिखते हैं जिससे मरीजों के ऊपर आर्थिक बोझ ना पड़े, सबसे मजेदार बात इन डॉक्टर साहब की यह है कि यह मरीजों से केवल ₹5 फीस लेते हैं जी हां सही पढ़ा आपने केवल ₹5 आज के इस आधुनिक युग में एक एमबीबीएस एमडी डॉक्टर ₹5 मात्र अपनी फीस लेते है । जबकि आज बड़े-बड़े डॉक्टर अपनी फीस हज़ारों में लेते है। उनकी पैसे की भूख कभी खत्म नही होती, मरीज मर भी जाय वेंटिलेटर पर रखकर बिल का मीटर घुमाने की खबरे भी आती रहती है। ऐसे में डॉक्टर शंकर गौड़ा जी एक मिसाल है।

इंडिया टाइम्स ग्रुप डॉक्टर शंकर गौड़ा को उनके इस कार्य के लिए सादर नमन करता है 

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