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अनाथ बच्चों का भविष्य संवारेगी धामी सरकार, टीचर्स डे पर सीएम धामी ने दिए छात्रों और शिक्षकों को कई तोहफे
 

देहरादून। उत्तराखंड की धामी सरकार न सिर्फ अनाथ बच्चों के आंसुओं को पोंछेगी बल्कि उनका भविष्य सँवार कर उनके चेहरे पर खुशियां लौटाएगी। इसको लेकर राज्य सरकार जल्द बालाश्रय योजना शुरू करने जा रही है। इस योजना के अन्तर्गत बच्चों को पुस्तकें, गणवेश, बैग, जूते एवं मोजे, लेखन सामग्री आदि निःशुल्क दी जायेगी।

आपको बता दें कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अगुवाई में राज्य सरकार ने शिक्षा व्यवस्था मैं सुधार के लिए कई कड़े कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री धामी द्वारा उठाए गए कदमों से न सिर्फ शिक्षा व्यवस्था की गुणवत्ता में सुधार हुआ है बल्कि सरकारी स्कूलों में छात्र संख्या में भी लगातार इजाफा हो रहा है। राज्य के स्कूलों में पढ़ाई के साथ-साथ खेल व अन्य गतिविधियों को भी बढ़ावा दिया जा रहे हैं जिससे छात्रों का शैक्षिक के साथ बौद्धिक विकास भी हो रहा है। मुख्यमंत्री धामी के प्रयासों से शिक्षा व्यवस्था में एक नई क्रांति का संचार हुआ है। राज्य की शिक्षा व्यवस्था देश में पहले पायदान पर हो इसको लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कई अहम फैसले लिए हैं। जिन पर राज्य का शिक्षा विभाग लगातार काम कर रहा है। आज शिक्षक दिवस के मौके पर भी मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शिक्षकों और छात्रों को दोनों को ही सौगातें दी।

शिक्षक दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने की आठ बड़ी घोषणाएं....

1 :- किसी भी प्रकार की आपदा, महामारी एवं दुर्घटना के कारण अनाथ हुए बच्चों की स्कूली शिक्षा (कक्षा 1 से 12वीं तक) की व्यवस्था राज्य सरकार द्वारा किये जाने के लिए बालाश्रय योजना प्रारम्भ की जायेगी। इस योजना के अन्तर्गत बच्चों को पुस्तकें, गणवेश, बैग, जूते एवं मोजे, लेखन सामग्री आदि निःशुल्क दी जायेगी।

2 :- 12 बालिकाओं की शिक्षा व्यवस्था को प्रोत्साहित किये जाने के लिए राजीव गाँधी नवोदय विद्यालय की भाँति राज्य में चरणबद्ध रूप में प्रत्येक जनपद में बालिका आवासीय विद्यालय खोले जायेंगे।

3 :- राजकीय विद्यालयों में भूमि की उपलब्धता के आधार पर पंचायतों को दी जाने वाली धनराशि से खेल के मैदान तैयार किये जायेंगे।

4 :- माध्यमिक स्तर पर उपलब्ध अवस्थापना सम्बन्धी संसाधनों की उपलब्धता के आधार पर हाईस्कूल स्तर पर 100 विद्यालयों में एकीकृत प्रयोगशाला (Integrated Lab) एवं इण्टरमीडिएट स्तर पर 100 विद्यालयों में भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान, जीवविज्ञान, भूगोल आदि की प्रयोगशालाएँ स्थापित की जायेंगी।

5 :- दुर्गम एवं दूरस्थ क्षेत्रों में स्थित अधिक छात्र संख्या वाले 50 विद्यालयों में प्रथम चरण
में शिक्षकों के लिए शिक्षक आवास बनाये जायेंगे।

6 :- पी०एम० पोषण योजना से आच्छादित विद्यालयों में छात्रों को एक दिन के स्थान पर सप्ताह में दो दिन दूध दिया जायेगा।

7 :- राजीव गाँधी नवोदय विद्यालय, कस्तूरबा गाँधी आवासीय बालिका छात्रावास एवं नेताजी सुभाष चन्द्र बोस आवासीय छात्रावास में छात्र-छात्राओं की भोजन व्यवस्था हेतु रू0 100 दिन की दर से धनराशि दी जायेगी तथा केन्द्र पोषित योजनान्तर्गत भारत सरकार द्वारा दी जाने वाली धनराशि के अतिरिक्त होने वाला व्यय राज्य सरकार द्वारा वहन किया जायेगा।

8 :- केन्द्रीय विद्यालयों के अनुरूप राज्य के माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षकों के लम्बे अवकाश पर रहने की स्थिति में विद्यालयों में शिक्षण कार्य सतत बनाये रखने हेतु स्थानीय स्तर पर विषयगत शिक्षकों की व्यवस्था के लिए रू0 50000 (रू० पचास हजार मात्र) प्रधानाचार्य के निर्वतन पर रखे जाने की व्यवस्था की जायेगी।