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मंडी मे चार साल बाद मिला नाबालिग दुष्कर्म पीड़िता को न्याय
 

हिमाचल प्रदेश। मंडी में नाबालिग से दुष्कर्म करने के दोषी को विशेष न्यायाधीश मंडी की अदालत ने विभिन्न धाराओं के तहत 10-10 वर्ष के कठोर कारावास व जुर्माने की सजा सुनाई। अदालत के फैसले से पीड़िता को चार साल बाद न्याय मिला है। बकौल जिला न्यायवादी मंडी कुलभूषण गौतम, पीडि़ता 21 फरवरी को अपनी ताई के घर गई थी। रात का खाना खाने के बाद वह कहीं चली गई थी। रिश्तेदारों व ग्रामीणों की मदद से काफी तलाश करने पर भी उसका पता नहीं चला था। उसके पिता ने पुलिस चौकी निहरी में बेटी के अगवा होने की शिकायत दर्ज करवाई थी। इसी बीच स्वजन को सूचना मिली थी कि तोता राम निवासी गांव कोल्थी भी घर से लापता है। शिकायतकर्ता ने संदेह जताया कि उक्त व्यक्ति ही उसकी बेटी को जबरदस्ती भगाकर ले गया है। 

रिपोर्ट के आधार पर थाना बीएसएल कालोनी सुंदरनगर में तोता राम के विरुद्ध अपहरण, दुष्कर्म व पोक्सो अधिनियम के तहत मामला दर्ज हुआ था। सहायक उपनिरीक्षक पुष्पदेव ने मामले की जांच पूरी करने के बाद चालान अदालत में दायर किया था।

मामले में अभियोजन पक्ष ने अदालत में 26 गवाहों के बयान कलमबद्ध  करवाए थे। अभियोजन पक्ष की तरफ से मामले की पैरवी विशेष लोक अभियोजक, विनोद चौधरी ने की। अभियोजन एवं बचाव पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने तोता राम को दुष्कर्म व पोक्सो अधिनियम में दोषी करार देते हुए 10-10 वर्ष के कठोर कारावास व 5000-5000 जुर्माने की सजा सुनाई है। दोनों सजाएं एक साथ-साथ चलेंगी। जुर्माना अदा न करने की सूरत में दोषी को तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।