डिजिटल लॉकर से दस्तावेजों को सुरक्षित रखना हुआ और आसान

डिजिटल लॉकर एक ऐसी जगह है जहाँ आप अपने विभिन्न तरह के दस्तावेजों को रख सकते हैं और उनके खोने का भी कोई डर नहीं रहता है, और आप जब चाहें उनका प्रयोग कर सकते हो। खास और नई बात यह है कि बिना इंटरनेट के भी डिजिटल लॉकर मोबाइल एप से दस्तावेजों को चेक कर सकते हैं। प्रदेश में अब तक एक लाख तीन हजार से अधिक लोग डिजिटल लॉकर में पंजीकरण करा चुके हैं। पंजीकरण के आधार पर उत्तराखंड का देश में 18 वां स्थान है।

संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के नेशनल ई-गर्वेनेंस डिवीजन (एनईजीडी) की ओर से डिजिटल इंडिया कार्यक्रम के तहत डिजिटल लॉकर शुरू किया गया। डिजिटल लॉकर में मोबाइल एप और वेबसाइट के माध्यम से पंजीकरण कर सकते हैं। जिसमें ड्राइविंग लाइसेंस, वाहन की आरसी, आधार कार्ड, पेन कार्ड, शैक्षिक प्रमाण पत्र समेत अन्य 18 प्रकार के दस्तावेजों को डिजिटल लॉकर में रखने की सुविधा है। ये सभी दस्तावेज सुरक्षित होने के साथ वैध भी है।

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वाहन चलाते समय डिजिटल लॉकर से ड्राइविंग लाइसेंस भी वैध है। सचिव आईटी आरके सुधांशु की ओर से विभाग को प्रदेश के सभी जिलों में डिजिटल लॉकर में पंजीकरण बढ़ाने के निर्देश दिए गए। सूचना प्रौद्योगिकी विकास प्राधिकरण (आईटीडीए) के माध्यम से जिला स्तर पर यातायात पुलिस समेत अन्य विभागों के अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। आईटीडीए के वरिष्ठ कार्यक्रम अधिकारी आलोक तोमर का कहना है कि प्रदेश के पांच लाख लोगों का डिजिटल लॉकर खोलने की दिशा में काम किया जा रहा है।

आईटीडीए जल्द ही डिजिटल लॉकर में लोक सेवा आयोग, खाद्य आपूर्ति व राजस्व को भी जोड़ेगा। जिससे डिजिटल लॉकर एप से जमीन की खसरा खतौनी की नकल भी प्राप्त कर सकते हैं। इसके साथ ही राशन कार्ड इसमें उपलब्ध होगा। एंड्रायड फोन से गूगल प्ले स्टोर से डिजिटल लॉकर मोबाइल एप डाउनलोड करें। जिसके बाद यूजर आईडी के लिए मोबाइल नंबर पर ओटीपी आएगा। पंजीकरण होने के बाद कोई भी दस्तावेज का प्राप्त कर सकते हैं। जो डिजिटल लॉकर में ही रहेंगे। वहीं,  digital locker.gov.in वेबसाइट से भी अपना पंजीकरण कर सकते हैं।

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