राज्यमंत्री से कैबिनेट मंत्री बनने जा रहे हैं धन सिंह रावत, आलाकमान से जल्द मिल सकता है तोहफा

उत्तराखंड में मंत्रिमंडल विस्तार के संकेतों के बाद मंत्री पद के दावेदारों की धड़कनें बढ़ी हुई हैं। सियासी हलकों में चल रही चर्चाओं के मुताबिक आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर मंत्रिमंडल विस्तार में उन्हीं जिलों को तरजीह मिलने की संभावना है, जिनका प्रतिनिधित्व अभी मंत्रिमंडल में नहीं है। इस लिहाज से देखा जाए तो राज्य के कुल 13 में से महज छह ही जिलों का प्रतिनिधित्व मंत्रिमंडल में है। पिथौरागढ़, बागेश्वर, चंपावत, नैनीताल, उत्तरकाशी, चमोली और रुद्रप्रयाग से कोई विधायक मंत्री नहीं है। सूत्रों के मुताबिक ज्यादा संभावना इसी बात की है कि मंत्रिमंडल में नए चेहरे इन्हीं जिलों में से हो सकते हैं।

त्रिवेन्द्र सरकार में राज्य मंत्री धन सिंह रावत के प्रमोशन की चर्चाएं गर्म हैं। सहकारिता, उच्च शिक्षा और दुग्ध विकास राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. धन सिंह रावत, त्रिवेंद्र सरकार के सबसे चर्चित मंत्रियों में से एक हैं। मंत्री पद का कार्यभार संभालते ही धन सिंह ने लीक से हटकर कुछ नए फैसले लिए हैं। वे अपने कई फैसलों को लेकर चर्चा में भी रहे। देहरादून में सात दिवसीय सहकारिता सम्मेलन का आयोजन कर अपनी धमाकेदार मौजूदगी दर्ज कराई। इसके बाद दुग्ध जागरूकता सप्ताह का आयोजन कर लोगों को शुद्ध दूध पीने के प्रति जागरूक किया। धन सिंह ने अपने विभागों का कायाकल्प करने की पूरी योजना तैयार कर रखी है। इस पर उन्होंने अमल करना भी शुरू कर दिया है। उनकी योजना प्रदेश के विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में शैक्षिक सत्र को नियमित करना, सहकारिता से अधिक से अधिक लोगों को जोड़ना और दुग्ध संघों को घाटे से उबारना है। मंत्री धन सिंह रावत का कहना है कि वह पीएम और सीएम की योजनाओं को जनता के बीच पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं। सरकार बनने से अब तक के धन सिंह रावत के कामकाज से सीएम त्रिवेन्द्र सिंह रावत ही नहीं आलाकमान भी बेहद खुश है। यही वजह है कि उनकी कार्यकुशलता को देखते हुए चर्चाओं का बाजार गर्म है त्रिवेन्द्र मंत्रीमंडल का विस्तार हुआ तो धन सिंह रावत का प्रमोशन तय है।

मीडिया से बातचीत में मंत्री धन सिंह रावत ने कहा कि मैंने अपने विभागों से संबंधित कार्ययोजनाओं पर पूरी तैयारी के साथ काम किया है। जिनके सकारात्मक परिणाम आने शुरू हो गए हैं। सहकारिता की ओर लोगों का रुझान बढ़ रहा है। जो दुग्ध समितियां घाटे में चल रही थीं, उनका नुकसान कम होने लगा है। महाविद्यालयों में नियमित रूप से पढ़ाई होने लगी है। महाविद्यालयों में दाखिले ऑनलाइन होंगे। अनुसूचित जाति के होनहार विद्यार्थियों के लिए फ्री कोचिंग की व्यवस्था की जा रही है ताकि वो प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर सकें। प्रदेश सरकार एक कॉपर्स फंड बनाकर एक सौ छात्रों को पीएचडी कराएंगी। अभी तो आगाज है, आने वाले दिनों में नई-नई योजनाएं शुरू की जाएंगी।

गौरतलब है कि नौ सदस्यीय मंत्रिमंडल में सर्वाधिक तीन मंत्री पौड़ी गढ़वाल जिले से हैं। वर्तमान में प्रदेश मंत्रिमंडल में गढ़वाल में देहरादून से मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, हरिद्वार से मदन कौशिक, टिहरी से सुबोध उनियाल, पौड़ी से सतपाल महाराज व हरक सिंह रावत कैबिनेट मंत्री हैं और धन सिंह रावत राज्यमंत्री। कुमाऊं में ऊधमसिंह नगर से यशपाल आर्य और अरविंद पांडेय कैबिनेट मंत्री और अल्मोड़ा से रेखा आर्य राज्यमंत्री हैं। पिथौरागढ़ से प्रकाश पंत कैबिनेट मंत्री थे। उनके निधन से इस जनपद का प्रतिनिधित्व खत्म हो गया है। देहरादून जिले से प्रेमचंद अग्रवाल को स्पीकर और अल्मोड़ा से रघुनाथ सिंह चैहान को विधानसभा उपाध्यक्ष बनाया गया है। दोनों नेताओं का रुतबा कैबिनेट मंत्री के बराबर ही है।

Loading...

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *