दिल्ली से हरिद्वार आने वालों को मिलेगी जाम से मुक्ति !

हरिद्वार जाने वाले कावड़ यात्री और दिल्ली-एनसीआर के लोगों के लिए अच्छी खबर है। उन्हें गाजियाबाद से हरिद्वार के बीच जाम से जूझना नहीं पड़ेगा।

लंबे समय से चैड़ीकरण का इंतजार करते गंगनहर कांवड़ पटरी रास्ते के लिए उत्तराखंड शासन ने बजट जारी कर दिया है। अगले साल अक्तूबर तक इस काम को पूरा किया जाना है। इस रास्ते से हरिद्वार जिले के जटवाड़ा पुल से उत्तराखंड की सीमा के मोहम्मदपुर पावर हाउस तक गंगनहर के किनारे 51 किमी सड़क के चैड़ीकरण का रास्ता खुल गया है।
इस योजना में उत्तर प्रदेश अपने हिस्से में गंगनहर का चैड़ीकरण कार्य कर चुका है। इससे अब गाजियाबाद से हरिद्वार तक गंगनहर के किनारे वैकल्पिक रास्ता बन कर तैयार हो जाएगा। इस रास्ते के बनने से लोगों को काफी फायदा होगा।
और इसके साथ ही कांवड़ यात्रा में खास राहत मिलेेगी। हर साल सावन में कांवड़ यात्रा के दौरान दिल्ली से हरिद्वार वाले ट्रैफिक को मेरठ से मीरापुर बिजनौर रास्ते से डायवर्ट करना पड़ता है और देहरादून की ओर आने जाने वाले ट्रैफिक को यमुनानगर की ओर से डायवर्ट किया जाता है।

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Related imageबता दें कि 2021 में होले वाले महाकुंभ मेले में दिल्ली हाईवे पर यातायात दबाव कम करने के साथ ही कांवड़ पटरी मार्ग चैड़ीकरण की कोशिश काफी लंबे समय से थी। जिस के लिए अब शहरी विकास विभाग ने इस प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए सचाई विभाग को प्रथम चरण में सात करोड़ 24 लाख रुपये का बजट मंजूर किया है। इस पटरी मार्ग के चैड़ीकरण और पुर्ननिर्माण पर 46 करोड़ 52 लाख रुपये की कुल लागत आनी है। यह रास्ता शहरों के बाहर से होकर निकलता है इसलिए अब कांवड़ यात्रा के दौरान दिल्ली हाईवे ट्रैफिक डायवर्ट नहीं करना पड़ेगा।

इस पर जानकारी देते हुए शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक ने बताया कि कांवड़ यात्रा मार्ग पर जल्द काम शुरू हो जाएगा, इसी के साथ सरकार हरिद्वार में आउटर रिंग रोड पर भी तेजी से काम कर रही है। इससे हरिद्वार में प्रमुख पर्व और स्नानों पर लगने वाला जाम काफी हद तक दूर हो जाएगा।

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