कोरोना का नया हमला, डेंगू की तरह मरीजों की प्लेटलेट्स कम कर रहा वायरस

कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों की प्लेटलेट्स काउंट गिरकर 20 हजार से भी नीचे आ जा रही है। हैरान करने वाली बात ये है कि जब मरीज में डेंगू की जांच की जा रही है तो उसमें डेंगू के कोई लक्षण नहीं दिखाई दे रहे हैं।

नई दिल्ली। देश में हर दिन जहां कोरोना वायरस के मामले बढ़ रहे हैं, वहीं कोरोना वायरस में हो रहे बदलावों ने डॉक्टरों की चिंता बढ़ा दी है। आम तौर पर डेंगू बुखार में प्लेटलेट्स कम होते देखा जाता था, लेकिन अब कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों में भी ऐसे ही लक्षण दिखाई देने लगे हैं। कोरोना वायरस से संक्रमित मरीज की प्लेटलेट्स काउंट गिरकर 20 हजार से भी नीचे आ जा रही है। हैरान करने वाली बात ये है कि जब मरीज में डेंगू की जांच की जा रही है तो उसमें डेंगू के कोई लक्षण नहीं दिखाई दे रहे हैं।

पीजीआई लखनऊ के प्रोफेसर अनुपम वर्मा ने बताया कि कोरोना मरीजों में अब डेंगू जैसे लक्षण दिखाई देना काफी चिंता की बात है। उन्होंने बताया कि मरीज में अचानक से प्लेटलेट्स काउंट गिरने से उनका इलाज करना काफी मुश्किल भरा हो रहा है।उन्होंने बताया कि लोकबंधु अस्पताल के डॉक्टर को पीजीआई में भर्ती कराया गया था, जिनकी प्लेटलेट्स 10 हजार पहुंच गई थी।

जांच में पता चला है कि कोरोना, मरीज के इम्यून कॉम्प्लेक्स को प्रभावित करता है, जिसमें मोनोसाइड और मैकरोफेज सेल पर अटैक होता है। इससे प्लेटलेट्स की खपत काफी बढ़ जाती है और उनके बनने के प्रक्रिया उस मुकाबले नहीं होती। यही कारण है कि मरीज की प्लेटलेट्स अचानक से काफी नीचे आ जाती है।

इस तरह के मरीज की हालत काफी गंभीर होती है और इन्हें प्लेटलेट्स चढ़ाया जा रहा है। इस तरह के मरीजों को प्लाज्मा थेरेपी भी देनी पड़ती है। डॉ अनुपम ने बताया कि कोरोना में इस तरह का बदलाव अभी देखने को मिला है। इससे पहले कोरोना मरीजों को थॉम्बोसिस हो रहा था। इसमें मरीज के खून में थक्के जम जाते थे, जिसके लिए उन्हें टीपीए इंजेक्शन दिया जाता था। इससे क्लॉट घुल जाता है। हालांकि कई बार मरीजों को टीपीए देने पर उनकी नसें फट जा रही हैं।

Source link

Loading...

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *