मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के परिवार के पास पीने का पानी तक नहीं, प्रदेश सरकार और प्रशासन बेखबर

प्रदेश सरकार और प्रशासन का आलम यह है कि पड़ोसी राज्य के मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी के परिवार और उनकी सुरक्षा में लगे सुरक्षा कर्मियों के साथ पुरे गाँव में किसी को भी पिछले 6 दिनों से पीने का पानी नहीं मिल रहा है। पेयजल संकट की सिकायत भी जलसंस्थान को की जा चुकी है लेकिन कोई कुछ करने को तैयार नहीं है। अब आलम यह है कि गाँव के सभी लोगों को बहुत दूर से पीने का पानी सर पर ढो कर लाना पड़ता है। यह हाल जब पड़ोसी राज्य के मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी के परिवार का है तो सोचिये की प्रदेश के आम लोगों का क्या हाल होगा। 1992-93 में यमकेश्वर ब्लाक की ग्राम पंचायत सीला के उपग्राम पंचूर के 18 परिवारों और बोरगांव के 16 परिवारों की पेयजल समस्या को दूर करने के लिए सरकार द्वारा ढूंगा संकरा गदेरे से पेयजल योजना बनाई गई थी, लेकिन जलसंस्थान की अनदेखी के चलते योजना बदहाल होती गई। वर्तमान में हालत यह है कि 21 मार्च से गांव की पेयजल योजना ठप है। लोग एक किमी दूर मलेथा के प्राकृतिक जलस्रोत से पीने का पानी सिर पर ढो रहे हैं।

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ग्रामीण बचन सिंह, मानेंद्र बिष्ट, रविंद्र बडोला, अखिलेश बडोला व कीर्तिमोहन बडोला ने जलसंस्थान पर गांव की उपेक्षा का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पिछले पांच दिन से गांव में एक बूूंद पानी नहीं टपका है। यही नहीं, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का परिवार और उनकी सुरक्षा में लगे पुलिसकर्मियों को भी पेयजल किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। जलस्रोत में काफी मात्रा में पीने का पानी होने के बाद भी विभाग के अधिकारी उनकी समस्या का समाधान नहीं कर रहे हैं।
उधर, जलसंस्थान के जेई रतन सिंह रावत ने बताया कि कोटद्वार-पंचूर पेयजल योजना पर विगत चार दिन से पीने का पानी नहीं आने की शिकायत मिली है। फीटर को भेजकर शीघ्र समस्या का समाधान कर दिया जाएगा।

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