जम्मू-कश्मीर में राज्यपाल शासन में बदला मुख्यमंत्री सचिवालय का नाम

जम्मू। जम्मू कश्मीर में राज्यपाल शासन लागू होने के दो महीने बाद राज्य सचिवालय में काम करने वाले मुख्यमंत्री सचिवालय के नाम को बदल दिया गया है। अब सीएम सचिवालय, राज्यपाल कार्यालय के नाम से काम करेगा। राज्य प्रशासन ने सोमवार को सीएम सचिवालय में 21 अधिकारियों, कर्मचारियों को छोड़कर अन्य सभी कर्मियों को तत्काल प्रभाव से वापस अपने विभागों में भेजने के आदेश जारी कर दिए। भेजे गए ये कर्मी जेएंडके मेडिकल एड ट्रस्ट, कैंसर ट्रीटमेंट फंड पर पुयर, जेके रिलीफ फंड, सीएम फ्लड रिलीफ फंड, निजी सेक्शनों में तैनात थे। उनके साथ जम्मू में सीएम के निजी कार्यालय के दो कर्मियों को छोड़कर बाकी कर्मियों को वापस अपने विभागों में भेज दिया है। सीएम कार्यालयों के अधिकतर कर्मियों को अपने विभागों में भेजने संबंधी आदेश सोमवार को राज्य प्रशासन के उप सचिव की ओर से जारी किया गया। इन विभागों में खासे, अधिकारियों, कर्मचारियों की तैनाती थी, जो मुख्यमंत्री के निर्देशों पर काम करते हैं। मुख्यमंत्री सचिवालय के जिन 21 कर्मियों को अपने विभागों में वापस नहीं भेजा गया है, उनमें मोहम्मद आरफ खान, गुलाम रसूल शेख, सईद नसीम अहमद, जुहूर अहमद भट्ट, नजीर अहमद मीर, शाफिया हसन, शह अब्दुल, बबीता रानी, फिरदौस वानी, हफीज उर रहमान, नसीर अहमद शाह, निसार अहमद, शाहनवाज भट्ट, आशू रैना, मंजूर अहमद, शाम लाल, नजीर अहमद जरगर, भूषण लाल, मोहम्मद शोएब वानी, इदरीस अलीम भट्ट व मोहम्मद शरीफ गोजरी शामिल हैं। वहीं दूसरी ओर सिविल एविएशन व हास्पिटेलिटी एंड प्रोटोकाल विभागों में तैनात 5 कर्मचारी अब योजना एवं विकास विभाग के प्रशासनिक नियंत्रण में काम करेंगे। इन कर्मियों में सुशील कुमार, नसीर अहमद नतनू, फिरोज अहमद शेख, अब्दुल रशीद व फेयाज अहमद डार शामिल हैं। इसी बीच जम्मू में सीएम के निजी कार्यालय में अधिकारिक रिकार्ड, कार्यालय के रखरखाब के लिए हेड असिस्टेंट सुनीता भट्ट व जमादार मोहम्मद रफीक की सेवाओं को बरकरार रखा गया है। वहीं सीएम सचिवालय के फालोअप सेल, सीएम निजी कार्यालय श्रीनगर में तैनात अधिकारियों, कर्मचारियों को जीएडी, अपने-अपने विभागों में लौटने के लिए निर्देश जारी कर दिए गए हैं।

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