उत्तराखंड में राज्यसभा सीट को लेकर बदले समीकरण, विजय बहुगुणा व नरेश बंसल प्रबल दावेदार

देहरादून। पिछले दो लोकसभा चुनाव में पांचों सीटों पर परचम फहराने और 2017 के विधानसभा चुनाव में 70 में से 57 सीटों पर काबिज होकर इतिहास रचने के बाद भाजपा अगले महीने एक और चुनावी उपलब्धि खाते में जुड़ने का इंतजार कर रही है। यह है राज्‍यसभा की एक सीट का चुनाव। फिलहाल यह सीट कांग्रेस के पास है, लेकिन अब जिस तरह का गणित राज्‍य विधानसभा में है, उसमें भाजपा की जीत तय है। यही वजह है कि भाजपा के कई दिग्‍गजों की नजरें इस सीट पर टिकी हुई हैं। उत्तराखंड से राज्यसभा की एक सीट के नौ नवंबर को होने वाले चुनाव के लिए भाजपा एक-दो दिन में प्रत्याशी का एलान कर सकती है। इस बीच मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के दिल्ली दौरे पर हैं। माना जा रहा कि वह भी राज्यसभा सीट के लिए प्रत्याशी चयन के संबंध में पार्टी हाईकमान से चर्चा कर सकते हैं।

स्थानीय नेताओं में विजय बहुगुणा, नरेश बंसल
स्थानीय नेताओं की बात करें तो पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा, दायित्वधारी नरेश बंसल, भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष अनिल गोयल, पूर्व सांसद बलराज पासी, शौर्य डोभाल समेत आधा दर्जन दावेदार इस दौड़ में हैं।

पैराशूट में ये दिग्गज भी हैं दौड़ में
वहीं पैराशूट प्रत्याशियों की बात करें तो बरिष्ठ नेता कैलाश विजयवर्गी, प्रदेश प्रभारी श्याम जाजू, भाजपा के दिल्ली स्थित केंद्रीय कार्यालय में कार्यालय सचिव महेंद्र पांडेय, हरियाणा के प्रभारी सुरेश भट्ट भी टिकट की दौड़ में बताए जा रहे हैं। पार्टी सूत्रों के अनुसार इस सीट से प्रत्याशी उतारने के संबंध में सभी पहलुओं पर गहनता से मंथन हो रहा है। एक-दो दिन में पार्टी हाईकमान की बैठक में नाम फाइनल किए जाने की उम्मीद है।

प्रबल दावेदारों में पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा
बावजूद इसके भाजपा ने इस सीट पर प्रत्याशी के मामले में अभी तक पत्ते नहीं खोले हैं। असल में यहां से दावेदारों की संख्या भी अधिक है। प्रबल दावेदारों में पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा का नाम आगे चल रहा है। 2016 में कांग्रेस छोड़ भाजपा में शामिल हुए बहुगुणा ने तब कांग्रेस के 10 विधायकों को भाजपा में शामिल कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। हालांकि, इसके बाद हुए विस और लोकसभा चुनावों में उन्होंने दावेदारी नहीं की, लेकिन पार्टी उनका उपकार भूली नहीं है। ऐसे में उनका दावा मजबूत माना जा रहा है।

प्रत्याशी चयन के हर पैरामीटर पर फिट नरेश बसंल
त्रिवेन्द्र सरकार में दायित्वधारी व पूर्व कार्यकारी अध्यक्ष नरेेेश बंसल प्रत्याशी चयन के हर पैरामीटर पर फिट नजर आते हैं। उत्तराखण्ड सरकार में कैबिनेट मंत्री दर्जा प्राप्त उपाध्यक्ष बीस सूत्रीय कार्यक्रम एवं क्रियान्वयन समिति है। उनका लम्बा सामाजिक व राजनैतिक जीवन रहा है। नरेश बसंल ने 7 वर्ष तक प्रदेश महामंत्री (संगठन) भाजपा उत्तराखण्ड का दायित्व निर्वाहन किया। इसके साथ ही 2009 से 2012 तक तत्कालीन प्रदेश भाजपा सरकार में अध्यक्ष आवास एंव विकास परिषद का दायित्व संभाला। वर्तमान में नरेश बसंल (कैबिनेट मंत्री दर्जा प्राप्त) उपाध्यक्ष राज्य बीस सूत्रीय कार्यक्रम एवं क्रियान्वयन समिति के उपाध्यक्ष का दायित्व। नरेश बंसल लगभग 50 वर्षो से भी अधिक समय से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के समर्पित कार्यकर्ता के रूप में वह निरंतर संगठन के निर्देशानुसार कार्य कर रहे है तथा अपने कुशल नेतृत्व व बेहतर संगठन क्षमता एंव संगठन पद्धति के अनुसार हर कार्य करने की क्षमता रखने वाले माने जाते है। वह प्रदेश में संघ परिवार के वरिष्ठ कार्यकर्ता के रूप में स्थापित है।

भाजपा की जीत पहले से तय
उत्तराखंड से राज्यसभा की एक सीट आगामी 25 नवंबर को रिक्त हो रही है। कांग्रेस के सांसद राज बब्बर अभी इस सीट का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। इस सीट के चुनाव के लिए नौ नवंबर की तिथि तय की गई है। चुनाव की अधिसूचना जारी होने के बाद राज्य में चुनावी सरगर्मी प्रारंभ हो गई है। राज्य की 70 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा के विधायकों की संख्या 57 है। ऐसे में भाजपा प्रत्याशी की जीत पहले से तय है।

कांग्रेस नहीं खड़ा करेगी प्रत्याशी
यह सीट अभी तक कांग्रेस के कब्जे में रही है, लेकिन अब इस पर भाजपा का कब्जा होने जा रहा है। प्रदेश में प्रचंड बहुमत से सत्तारूढ़ भाजपा को इस चुनाव में कांग्रेस की ओर से चुनौती नहीं मिलेगी। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतम सिंह और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष डॉ इंदिरा हहृदयेश का कहना है कि भाजपा के पास प्रचंड बहुमत है। ऐसे में कांग्रेस इस सीट के लिए दावेदारी पेश करने के पक्ष में नहीं है।

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