उत्तराखंड : प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में लिया गया फैसला, एक नवंबर से खुलेंगे 10वीं और 12वीं कक्षा के स्कूल

उत्तराखंड में आगामी एक नवंबर से कक्षा 10वीं और 12वीं कक्षा के लिए स्कूल खोल दिए जाएंगे। निजी और सरकारी स्कूलों में कक्षा 10वीं और 12वीं की कक्षाएं संचालित की जाएंगी। यह फैसला आज बुधवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में लिया गया है।

स्कूलों में कोविड-19 से बचाव के लिए जारी किए गए दिशा-निर्देशों का पूर्ण रूप से पालन किया जाएगा। बाकी कक्षाओं के बारे में बाद में फैसला लिया जाएगा। इसके लिए बकायदा शिक्षा विभाग अलग से एसओपी जारी करेगा। इसके साथ ही बैठक में कई अन्य फैसले भी लिए गए।

बैठक में 18 मामले सामने आए। राजकीय सहायता प्राप्त महाविद्यालयों को अनुदान दिए जाने को लेकर कैबिनेट में चर्चा की गई। जिस पर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में कमेटी बनाई गई।
कैबिनेट के निर्णय:

राज्य के कर्मचारियों को त्यौहार का तोहफा। कोविड फंड में अक्तूबर से नहीं कटेगा एक दिन का वेतन। मुख्यमंत्री, मंत्री, विधायक, आईएएस, पीसीएस, आईएफएस अधिकारियों के वेतन से होती रहेगी कटौती।

  • 2004 के सर्किल रेट के आधार पर वर्ग 03 व 04 की भूमि का मिलेगा मालिकाना हक। हजारों कब्जेदारों को मिलेगा फायदा।
  • उद्योग विभाग की सेवा नियमावली में संशोधन।
  • उत्तराखंड पुलिस आर मोरल (संशोधन) नियमावली में किया गया संशोधन।
  • उत्तराखंड नागरिक सुरक्षा अधीनस्थ चयन आयोग नियमावली में किया गया संशोधन।
  • हिमालय गढ़वाल विश्वविद्यालय 2016 में किया गया संशोधन। हिमालय गढ़वाल विश्वविद्यालय का नाम बदलकर अटल बिहारी वाजपेयी हिमालयन गढ़वाल विश्वविद्यालय किया गया।
  • आबकारी विभाग में मदिरा की बिक्री के लिए ट्रेक एंड ट्रेस प्रणाली शुरू होगी।
  • पीरुल नीति के तहत, पीरुल इकट्ठा करने पर 2 रुपए प्रति किलो का दाम तय किया गया।
  • महाकुंभ को देखते हुए सभी अखाड़ा परिषदों को एक-एक करोड़ रुपए दिए जाने का सरकार ने लिया निर्णय।
  • उत्तराखंड अधी प्रमाणीकरण नियमावली बनाई गई।
  • प्रदेश में दो लाख 43 हजार ड्राइवर और ई रिक्शा चालकों को एक-एक हजार रुपए और दिए जाएंगे।
  • खेल नीति 2020 को मंत्रिमंडल ने दी मंजूरी। खेल नीति में वित्त से जुड़े हुए प्रावधान के लिए वित्त विभाग को आकलन करने के दिए निर्देश। खेल पदक विजेता, प्रशिक्षकों, खेल पत्रकार को पुरस्कार का किया गया प्रावधान।

छात्रृवत्ति पर मंत्रिमंडलीय उपसमिति की बैठक फिर होगी
अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति अन्य पिछड़ा वर्ग के छात्रों की छात्रवृत्ति और शुल्क के मसले पर मंत्रिमंडलीय उपसमिति की बैठक में कोई निर्णय नहीं हो पाया। उपसमिति की बैठक अब दो दिन बाद दोबारा होगी। विधानसभा में हुई बैठक में समाज कल्याण मंत्री यशपाल आर्य, शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक व उच्च शिक्षा राज्यमंत्री डॉ.धनसिंह रावत ने मंथन किया।

बैठक में मुख्य सचिव ओम प्रकाश भी शामिल हुए। मसला छात्रवृत्ति के बैकलॉग पूरा करने और सरकारी-गैर सरकारी संस्थानों की फीस में एकरूपता न होने से प्रतिपूर्ति में आ रही कठिनाइयों का है।

सूत्रोें के अनुसार, सरकार ने जो शुल्क निर्धारित किया है, उसकी सरकारी स्कूल-कॉलेजों में तो समान रूप से प्रतिपूर्ति हो रही है, लेकिन निजी शिक्षण संस्थानों में अधिक शुल्क होने के कारण दिक्कत आ रही है। सूत्रों के मुताबिक, अब शुक्रवार को उपसमिति की दोबारा बैठक बुलाई गई है। इस बैठक में महाधिवक्ता को भी बुलाया गया है।

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