गाजियाबाद के खोड़ा में चल रहा है बोरिंग का गोरखधंधा, भूजलस्तर में आ रही भारी गिरावट, क्षेत्र की जनता हो रही परेशान

गाजियाबाद के खोड़ा में चल रहा है बोरिंग का गोरखधंधा

भूजलस्तर में आ रही भरी गिरावट, क्षेत्र की जनता हो रही परेशान

दिल्ली एनसीआर। क्षेत्र में जलस्तर नीचे चले जाने के कारण लोग पेयजल समस्या से परेशान है। क्षेत्र में बोरिंग लगाने का कार्य धड़ल्ले से जारी है। जिसके पास पैसा है, वह अपने घर में बोरिंग लगाकर पानी लें। अंधाधुंध हो रही बोरिंग भी जल स्तर नीचे जाने का प्रमुख कारण है।

वर्तमान में सभी नियमों की धज्जिया उड़ती हुई नजर आ रही है। वर्तमान में भी जल स्तर गिरने का कारण अवैध नलकूप खनन है। शहरी क्षेत्र में भी सुविधानुसार प्रत्येक प्लॉट घर के सामने या अंदर नलकूप खोदे जा रहे हैं। पानी बहता रहता है। ग्रामीण क्षेत्रों में बोरिंग मशीन माफिया मनचाही दर पर नलकूप खनन करके मोटी रकम कमा रहे हैं। घटता जल स्तर उनके लिए फायदे का सौदा साबित हो रहा है। रात-दिन बोरिंग खुदाई चल रही है। ऐसा ही चलता रहा तो आने वाले दिनों में स्थिति भयावह हो जाएगी।

जानकारी के मुताबिक पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए पेयजल पुनरीक्षण अधिनियम 1986 के वैधानिक प्रावधानों के अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए नलकूप खनन पर प्रतिबंध लगाया गया है। साथ ही नलकूप खनन के लिए अनुमति प्रदान करने के लिए प्राधिकृत अधिकारी नियुक्त किया गया है। इन प्राधिकृत अधिकारियों की अनुमति के बिना नलकूप का खनन होता है तो कार्रवाई की जा सकती है। प्राधिकृत अधिकारी की अनुमति के बाद निजी नलकूप में एक एचपी हॉर्सपावर मोटर की क्षमता से ज्यादा साइज के पाइप की बोरिंग नहीं की जा सकती है।

रेनवाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम अनिवार्य है। पानी का घरेलू उपयोग होगा, कारोबार नहीं किया जाएगा। बिना अनुमति बोरिंग करने वाले के खिलाफ पर्यावरण संरक्षण एक्ट 1986 की धारा 15 के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

बात करें खोड़ा की तो खेड़ा के अंदर चल रहा है। गोरखधंधा तीन-तीन बोरिंग कराने के बावजूद भी चौथी बोरिंग के लिए पड़ी जरूरत चौथी बोरिंग हो रही है पूरे 500 फीट की वार्ड नंबर 4 में नगरपालिका के होते हुए इसका संज्ञान क्यों नहीं लिया गया। मोहल्ले वालों को इस पर है आपत्ति उन्होंने एप्लीकेशन देखकर जताई अपनी व्यक्तिगत परेशानी कृपया खोड़ा कॉलोनी के नगर पालिका परिषद व चेयरमैन इसमें संज्ञान ले।

जलकल विभाग के इस पोस्टर से ठीक उल्टा होता हुआ हमारे खोड़ा में। चौथी बोरिंग 500 फुट की कराकर के गली का जल स्तर और गिरा कर के पानी का गोरखधंधा और अधिक सक्रिय मात्रा में करते हुए।खोड़ा में सबसे ज्यादा भूजल का अति दोहन का कार्य जोरों पर।

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