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क्या नवरात्रि में लहसुन, प्याज का सेवन करना चाहिए? यदि न तो क्या है इसकी वजह, जानिए
 

शारदीय नवरात्र आगामी 26 सितंबर से शुरु होने वाले है, हिंदु धर्म में शारदीय नवरात्र का विशेष महत्व होता है। इन दिनों माता रानी की पूरे भक्ति भाव से पूजा- अर्चना की जाती है, वहीं मान्यता है, कि जो भी भक्त इन नौ दिनों तक सच्चे मन से माता रानी की भक्ति करता है, माता उसके सारे कष्टों का निवारण कर देती है, इसलिए नवरात्रि के नौ दिनों तक सभी भक्त माता रानी की सच्चे मन से भक्ति करते है। इसके साथ ही व्रत रखकर माता को प्रसन्न करने का हर संभव प्रयास करते है। अब हिंदु धर्म के लोग कई तरह से व्रत रखते है। कोई तो कठिन व्रत रखकर बिना पानी, और अन्न का ऱह जाता है, और केवल फलों का सेवन करता है, तो कोई सामान्य व्रत रखकर फलाहारी भोजन के साथ ही साबूतदाने की खिचड़ी, या फिर उबले हुए आलू का सेवन कर लेता है। वैसे ज्यादातर लोग सामान्य व्रत ही रखते है, लेकिन नवरात्रि के दिनों में प्याज और लहसुन का पूरी तरह से परहेज करते है। लोग नवरात्रि के दिनों में दिनभर व्रत रखते है, और शाम को एक समय अन्न का सेवन करते है। इस दौरान लोग आलू, पूरी, खीर और साबूदाने की खिचड़ी आदि बनाते है, और खाते है। कुछ लोग ऐसे भी होते है, जो पूरे नौ दिनों तक केवल फलाहार का ही सेवन करते है। अब जो प्रसाद के रुप में आलू, चना, पूरी आदि बनाया जाता है, वह प्याज और लहसुन के बिना ही बनाया जाता है। हिंदु धर्म में व्रत कोई सा भी उसमें प्याज, लहसुन का परहेज किया जाता है।

क्यों किया जाता है प्याज और लहसुन का परहेज

नवरात्रि के व्रत के दौरान प्याज और लहसुन का पूरी तरह से परहेज किया जाता है, वैसे तो इसकी बहुत सी मान्यताएं है, लेकिन हिंदु पुराणों के अनुसार पूजा- पाठ या फिर व्रत के दौरान लहसुन, प्याज का उपयोग नहीं किया जाता है। व्रत के दिनों में यदि लहसुन, प्याज से बना हुआ भोजन हो तो उसका बिल्कुल भी सेवन नहीं करना चाहिए। आइए जानते है, इसका कारण।

हिंदु पुराण के मुताबिक जब देवता और असुरों के बीच सागर मंथन हुआ था, तो उसमें तरह- तरह के नौ रत्न निकले थे, वहीं अंत में अमृत की प्राप्ति हुई थी। अमृत मिलने के बाद देवताओं और असुरों में अमृत को लेकर झड़प होने लगी, और असुर अमृत लेकर भाग गए। असुरों से अमृत को बचाने के लिए भगवान विष्णु ने मोहिनी का रुप लिया। मोहिनी का रुप लेकर भगवान विष्णु देवताओं को अमृत पीलाने लग गए, तभी दो दानव राहु और केतु ने देवताओं को अमृत पिलाते हुए देख लिया। यह देख दोनों दानवों ने देवताओं का रुप लेकर अमृत पीने के लिए बैठ गए। जिसका पता भगवान विष्णु को लग गया। इसके बाद भगवान विष्णु ने सुदर्शन चक्र से दोनों का सिर धड़ से अलग कर दिया। माना जाता है कि उनका सिर जब धड़ से अलग हुआ तो उनके खून की कुछ बूंदें जमीन पर गिर गईं, और उससे ही लहसुन प्याज की उत्पति हुई। तब से व्रत में प्याज और लहसुन का प्रयोग नहीं किया जाता है। यह भी कहा जाता है कि प्याज और लहसुन के अधिक प्रयोग से इंसान का मन भटक जाता है, और दूसरे कामों में लगने लगता है। प्याज और लहसुन को राजसिक और तामसिक माना जाता है, जिसके चलते प्याज और लहसुन का सेवन करना वर्जित माना जाता है। प्याज और लहसुन के अलावा मांस, मछली, आदि को भी तामसिक भोजन में रखा जाता है, और इनका सेवन करने वालों को भी राक्षस की प्रवर्ति में रखा जाता है।

व्रत के दौरान बनाए यह स्वादिष्ट रेसेपी

नवरात्रि के व्रत को आप किस प्रकार से रखते है, यह तो आपकी हिम्मत और क्षमता पर निर्भर करता है, कोई फलों का सेवन करके ही अपना व्रत तोड़ता है, तो कोई व्रत का खाना बनाकर व्रत तोड़ता है। यहां हम आपको बताएंगे कि नवरात्रि के व्रत के दौरान आपको कौन से खाने का सेवन करना चाहिए। वैसे तो आम तौर पर लोग साबूतदाने की खिचड़ी या पुलाव बनाकर ही अपना व्रत तोड़ते है, लेकिन क्या आप जानते है, इसके अलावा व्रत तोड़ने की और भी रेसिपी होती है।

कच्चे केले की टिक्की- जी हां कच्चे केले की टिक्की भी व्रत का आहार होती है। इसके लिए आपको कच्चे केले को उबालना है, और फिर जैसे आलू की टिक्की बनाते है, वैसे ही बना लेना है। बस इसमें इतना ध्यान रहे है कि प्याज, लहसुन किसी का भी प्रयोग नहीं करना है।

अरबी की सब्जी- अरबी को उबालकर उसमें जीरे का तड़का डालकर अरबी की स्वादिष्ट सी सब्जी भी व्रत का खाना होता है।

कूटू की सब्जी- इसके लिए खट्टे दही, कुटू की जरुरत होती है, इन दोनों के मिश्रण से यह तैयार की जाती है।

व्रत के आलू- ज्यादात्तर हम देखते है, व्रत में लोग जीरा आलू का प्रयोग करते है, इसके लिए उबले हुए आलू को छीलकर उसमें जीरा का तड़का लगा देना है।

लौकी- लौकी को भी व्रत में इस्तेमाल किया जा सकता है। इसको भी ठीक आलू की सब्जी की तरह बनाकर तैयार किया जाता है।

ज्यादातर व्रत के दौरान लोग इन सबका ही सेवन करते है। इसके अलावा पूरी, चना, खीर आदि को भी बनाया जाता है।