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कांग्रेस कुछ लोगों पर कार्रवाई करे!
 

कई राज्यों में कांग्रेस से नेताओं का पलायन जारी है। पार्टी के पुराने नेता साथ छोड़ कर जा रहे हैं। कई नेताओं के बारे में सबको पता है कि वे कांग्रेस छोडऩे वाले हैं या पार्टी और आलाकमान के बारे में बदतमीजी वाले बयान दे सकते हैं। लेकिन कांग्रेस इनके ऊपर भी कार्रवाई नहीं करती है। कई नेताओं के बारे में पार्टी आलाकमान को आखिरी वक्त तक पता ही नहीं होता है कि वह भी पाला बदल सकता है। यह सब कांग्रेस की अपनी कमजोरी है, उसके नेटवर्क की कमजोरी है और राहुल गांधी ने जिन केसी वेणुगोपाल को संगठन की जिम्मेदारी सौंपी है उनकी कमजोरी है।

कांग्रेस के नेता चाहते हैं कि पार्टी कुछ नेताओं के खिलाफ अपनी तरफ से पहल करके कार्रवाई करे। यानी उस नेता के पार्टी छोडऩे का इंतजार नहीं किया जाए। अगर कोई नेता पार्टी छोड़ता है तो उसका अलग मैसेज बनता है, जैसे अभी असम में रिपुन बोरा ने पार्टी छोड़ दिया। इससे अच्छा है कि कांग्रेस कुछ नेताओं को अपनी तरफ से पहल करके पार्टी से निकाले। ऐसे नेताओं की एक सूची भी कांग्रेस मुख्यालय में बैठने वालों के पास है। किसी खास मकसद से नहीं, सिर्फ टाइम पास करने के लिए कुछ नेताओं ने एक सूची बनाई है। अगर कांग्रेस पार्टी इन नेताओं पर कार्रवाई करती है और उन्हें निकालती है तो उसका अच्छा मैसेज जाएगा। कांग्रेस के कुछ प्रतिबद्ध नेता प्री एम्पटिव स्ट्राइक की बात कर रहे हैं।
मिसाल के तौर पर पंजाब में सुनील जाखड़ पर कार्रवाई होनी चाहिए। इससे पहले कि वे पार्टी छोड़ें या पार्टी आलाकमान के खिलाफ बयानबाजी करके नुकसान करें, पार्टी को अपनी तरफ से पहल करके उनको पार्टी से निकालना चाहिए। उन्होंने प्रदेश के पहले दलित मुख्यमंत्री रहे चरणजीत सिंह चन्नी के बहाने पूरे समुदाय पर बहुत खराब टिप्पणी की थी और पार्टी की ओर से दिए गए नोटिस का जवाब भी नहीं दिया। इसी तरह पार्टी के मना करने के बावजूद केरल के नेता केवी थॉमस सीपीएम की पार्टी कांग्रेस में शामिल हुए।

उधर उत्तराखंड में कांग्रेस के विधायक हरीश धामी ने अपनी धारचूला विधानसभा सीट मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के लिए खाली करने का प्रस्ताव दिया है। उन्होंने पार्टी विरोधी बयान देना शुरू कर दिया है। इसी तरह महाराष्ट्र और झारखंड के कई विधायक पार्टी के खिलाफ बयान दे रहे हैं। इनमें से कुछ लोगों को चुन कर पार्टी को चाहिए कि वह उनको निकाले। इससे पार्टी नेतृत्व की धमक बनेगी और अनुशासनहीनता करने वाले नेताओं के ऊपर लगाम लगाने में आसानी होगी। कांग्रेस के नेता बता रहे हैं कि अनेक लोगों के बारे में अंदाजा है कि वे पार्टी छोड़ सकते हैं। सो, वे पार्टी छोड़ें उससे पहले उनको निकाल बाहर करना चाहिए।