कोरोना वैक्सीन : भारत बायोटेक की नाक से दी जाने वाली वैक्सीन के पहले चरण के ट्रायल को मिली मंजूरी

भारत बायोटेक ने कोरोना वैक्सीन को लेकर एक और बड़ी खुशखबरी दी है। दरअसल, देश के दवा नियामक सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गेनाइजेशन (केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन) के विशेषज्ञों की समिति ने नाक से दी जाने वाली कोरोना वैक्सीन के पहले चरण के ट्रायल के लिए मंजूरी दे दी है, जिसे भारत बायोटेक ने विकसित किया है। कंपनी ने हाल ही में दवा महानियंत्रक को चिट्ठी लिखी थी और ‘नेजल वैक्सीन’ के पहले और दूसरे चरण के क्लीनिकल ट्रायल (नैदानिक परीक्षण) के लिए मंजूरी मांगी थी। एक अधिकारी ने बताया कि अगर यह वैक्सीन कारगर हुई तो कोरोना के खिलाफ लड़ाई में महत्वपूर्ण बदलाव आएगा।

भारत बायोटेक के मुताबिक, शुरुआत में नाक से दी जाने वाली इस वैक्सीन का ट्रायल पुणे, नागपुर, भुवनेश्वर और हैदराबाद जैसे शहरों में किया जाएगा। कंपनी नागपुर में एक अस्पताल से ट्रायल को लेकर पहले ही करार कर चुकी है। इस वैक्सीन की सबसे खास बात ये है कि नाक के जरिए दी जाने वाली यह वैक्सीन कोरोना की एकल खुराक वैक्सीन है।

क्या अधिक प्रभावी है यह वैक्सीन?
वैज्ञानिकों के मुताबिक, शोध में यह पाया गया है कि नाक से दी जाने वाली वैक्सीन कंधे पर इंजेक्शन के जरिए दिए जाने वाले टीके के मुकाबले अधिक प्रभावी होती है। पिछले साल सितंबर में ही इस वैक्सीन को बनाने वाले शोधकर्ताओं ने दावा किया था कि यह वैक्सीन अधिक व्यापक प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया पैदा करती है।

छह देशों में सप्लाई की जाएगी स्वदेशी वैक्सीन
देश में लोगों को कोरोना वैक्सीन लगाने का काम तो शुरू हो ही गया है और अब कोविशील्ड और कोवैक्सीन की सप्लाई बुधवार से दूसरे देशों में भी की जाएगी। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, स्वदेशी वैक्सीन मालदीव, भूटान, बांग्लादेश, नेपाल, म्यांमार और सेशल्स को सहायता स्वरूप दिए जाएंगे।

देश में अब तक कितने लोगों का हुआ टीकाकरण?
चार दिन में देश में कुल 6.31 लाख लोगों को टीका लगाया जा चुका है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, मंगलवार को शाम छह बजे तक 1,77,368 स्वास्थ्यकर्मियों का टीका लगाया गया। वहां पहले दिन की अगर बात करें तो दो लाख के करीब लोगों को वैक्सीन की पहली खुराक दी गई थी।

 

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