बाबा का ढाबा के ‘अच्छे दिन’ लौटाने वाले यू-ट्यूबर के खिलाफ शिकायत दर्ज, डोनेशन में घपले का आरोप

नई दिल्ली। दक्षिण दिल्ली के मालवीय नगर स्थित ‘बाबा का ढाबा’ सोशल मीडिया पर बीते दिनों खूब वायरल हुआ था। लोग इस ढाबे को चलाने वाले 80 साल के कांता प्रसाद की मुफलिसी की कहानी सुनकर न सिर्फ उनके ढाबे पर खाना खाने आ रहे थे, बल्कि डोनेशन से मदद भी की थी। अब ये ढाबा चलाने वाले कांता प्रसाद ने सोशल मीडिया पर बाबा का ढाबा को लाइमलाइट में लाने वाले यू-ट्यूबर के खिलाफ पैसों के हेरफेर का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई है।

यू-ट्यूबर गौरव वसान ने 7 अक्टूबर को बाबा का ढाबा का एक वीडियो अपने यू-ट्यूब चैनल और फेसबुक पर अपलोड किया था और लोगों से बुजुर्ग दंपति की मदद की अपील की थी। ये वीडियो तेजी से वायरल हुआ और लोग दूर-दूर से यहां खाना खाने के लिए आने लगे। इससे बुजुर्ग दंपति का बिजनेस चल पड़ा, जो कोरोना वायरस लॉकडाउन के कारण ठप पड़ा हुआ था। लोगों ने ढाबा चलाने वाले कांता प्रसाद की मदद के लिए पैसे भी डोनेट किए थे।

क्या है शिकायत?
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, कांता प्रसाद ने रविवार को यू-ट्यूबर गौरव वसान के खिलाफ मालवीय नगर थाने में रिपोर्ट लिखवाई है, जिसे डोनेशन के पैसों के गलत इस्तेमाल और हेरफेर का आरोप लगाया गया है। अपनी शिकायत में कांता प्रसाद कहते हैं, ‘वीडियो वायरल होने के बाद से अब तक मुझे सिर्फ 2 लाख रुपये का चेक मिला है। अब ढाबे पर ज्यादा ग्राहक भी नहीं आ रहे। ज्यादातर लोग यहां सेल्फी खींचवाने आते हैं। पहले एक दिन में 10 हजार कमाई हो जाती थी। अब बामुश्किल 3 हजार से 5 हजार ही निकल पा रहे हैं। बिक्री फिर से कम हो गई है।’

कांता प्रसाद ने अपनी शिकायत में दावा किया, ‘गौरव वसान उनकी बैंक डिटेल शेयर करके डोनेशन ले रहे हैं और उसकी हेरफेर कर रहे हैं।’ वहीं, यू-ट्यूबर गौरव वसान ने इन सभी आरोपों से इनकार किया है। उनका कहना है कि वह डोनेशन के सारे पैसे कांता प्रसाद के अकाउंट में ट्रांसफर कर चुके हैं।

यू-ट्यूबर ने कहा- पूरी रकम बाबा को ट्रांसफर की
गौरव वसान के मुताबिक, ‘जब मैंने बाबा का ढाबा का वीडियो शूट किया, मुझे पता नहीं था कि ये इतना वायरल हो जाएगा। मैं नहीं चाहता था कि लोग बाबा कांता प्रसाद को परेशान करें। लिहाजा डोनेशन के लिए मैंने अपना बैंक डिटेल दे दिया।’ वसान ने तीन ट्रांजैक्शन की रसीद भी शेयर की। ये तीनों 27 अक्टूबर की थी। इसमें दो चेक 1 लाख रुपये और 2 लाख 33 हजार रुपये का था, जबकि तीसरी पेमेंट 45 हजार रुपये की थी।

वसान के मुताबिक, पूरी रकम बाबा के अकाउंट में तीन दिन में ट्रांसफर कर दी गई थी। जब पुलिस ने दूसरे ट्रांजैक्शन के बारे में पूछा तो बाबा ने बताया कि वो मैसेज चेक नहीं कर पाए, क्योंकि वह अपना फोन लेकर नहीं आए थे।

क्या कहती है पुलिस?
डीसीपी साउथ अतुल कुमार ठाकुर ने कहा, ‘हमें बाबा कांता प्रसाद की शिकायत मिली है। मामले की जांच शुरू कर दी गई है। फिलहाल कोई एफआईआर दर्ज नहीं की गई है।’

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