उत्तराखंड आयुर्वेद विवि के 5 और अफसर फंसे विजिलेंस जांच में

देहरादून। आयुर्वेद विश्वविद्यालय घोटाले में कुलसचिव मृत्युंजय मिश्रा से जुड़े मामले में क्रय समिति में शामिल पांच और अधिकारियों पर भी कार्रवाई की तलवार लटक गई है, विजिलेंस ने इनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के लिए शासन से अनुमति मांगी है। यह सभी विवि में हुई करोड़ों की खरीदारी वाली समिति के पदाधिकारी थे।

बता दें कि आयुर्वेद विवि के कई घोटालों और वित्तीय अनियमितताओं की जांच जारी है। करीब एक करोड़ की खरीदारी में जेल गए मृत्युंजय मिश्रा और उनके सहयोगियों के बाद अब विवि के अधिकारी और कर्मचारी भी विजिलेंस जांच में आ गए हैं। खासकर मिश्रा मामले से जुड़ी खरीदारी में परचेजिंग कमेटी में शामिल रहे चार अधिकारियों पर भी कार्रवाई होनी तय मानी जा रही है।

विजिलेंस जांच में इनकी भूमिका पुख्ता हो गई है और विजिलेंस कमेटी के सभी सदस्यों और पदाधिकारियों के बयान भी दर्ज कर चुकी है। सरकारी अधिकारी और कर्मचारी होने के कारण उन्हें इस मुकदमे में शामिल करने और चार्जशीट लगाने के लिए शासन से अनुमति मांगी गई है।

आयुर्वेद विवि में करोड़ों के घोटाले में फंसे मृत्युंजय मिश्रा तीन दिसंबर, 2018 से वह सुद्धोवाला जेल में हैं। उनके साथ प्राइवेट फर्म संचालिका नूतन रावत और शिल्पा त्यागी की भी गिरफ्तारी हो चुकी है। विजिलेंस ने मिश्रा की पत्नी श्वेता और ड्राइवर अवतार पर भी मुकदमा दर्ज किया था।

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