कोरोना वैक्सीन के नाम पर ठगी से बचें, जानें क्या है डार्कनेट पोर्टल

देहरादून। देश में कोरोना टीकाकरण अभियान शुरू होने वाला है। ऐसे में टीके के नाम पर धोखाधड़ी या फर्जीवाड़े की शिकायतें भी शुरू हो गई है। बड़ी संख्या में लोगों को ऑन लाइन कोरोना वैक्सीन बुकिंग के फर्जी ऑफर दिए जा रहे हैं। राज्य के औषधि विभाग ने लोगों को इस संदर्भ में आगाह करते हुए किसी के झांसे में न आने की सलाह दी है।

राज्य औषधि नियंत्रक ताजबर जग्गी ने बुधवार को बताया कि भारत सहित दुनिया के कई देशों में बनी वैक्सीन के नाम पर ऑनलाइन बुकिंग की शिकायतें मिली हैं। कहा कि विदेशों के साथ ही देश में भी कई डार्कनेट वेबसाइट इस तरह के काम कर रही है। उन्होंने लोगों से ऑन लाइन या ऑफ लाइन वैक्सीन की बुकिंग के ऑफर को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी है। उन्होंने राज्य के सभी ड्रग इंस्पेक्टरों को वैक्सीन के नाम पर ठगी के बारे में दवा विक्रेताओं को भी आगाह करने की सलाह दी है।

कोरोना वैक्सीन के लिए केंद्र सरकार के स्तर पर कोविन पोर्टल बनाया गया है, जिसमें रजिस्ट्रेशन के जरिए की टीका मिलना है। उन्होंने कहा कि टीकाकरण को लेकर केंद्र व राज्य सरकार की ओर से दिए जा रहे निर्देशों का ही पालन करें और टीके की बुकिंग के नाम पर फर्जीवाड़े का शिकार होने से बचें। उन्होंने कहा कि टीके की ऑन लाइन बुकिंग के नाम पर बड़े स्तर पर फर्जीवाड़े की शिकायत मिल रही है।

डार्कनेट पोर्टल क्या है
डार्कनेट पोर्टल एक तरह से इंटरनेट की काली दुनिया है। जहां ड्रग से लेकर हथियार बेचने और अन्य कई तरह के गैरकानूनी काम होते हैं। हम जिस इंटरनेट को जानते हैं या इस्तेमाल करते हैं वह पूरे वेब का सिर्फ चार प्रतिशत हिस्सा है। बाकी का 96 प्रतिशत हिस्सा पूरी तरह छिपा हुआ है जिसे डार्क वेब या डार्क नेट कहा जाता है। विशेषज्ञ आम लोगों को हमेशा डार्कनेट से दूर रहने की सलाह देते हैं।

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