उत्तराखंड में शुरू हुई अटल पोषण भत्ता योजना, श्रम मंत्री ने अपने विधानसभा क्षेत्र में बांटे पात्र बच्चों को चेक

श्रमिकों की सुरक्षा और सुविधा के लिए विभाग ने सीएससी सेंटर्स को श्रम कार्ड बनाने के अधिकार दे दिए हैं।

कोटद्वार। श्रम विभाग में रजिस्टर्ड श्रमिकों के अनाथ बच्चों के लिए सरकार की ओर से अटल पोषण भत्ता योजना की मंगलवार को उत्तराखंड में शुरुआत हो गई। श्रम मंत्री हरक सिंह रावत ने इस योजना के शुभारंभ के लिए अपने विधानसभा क्षेत्र कोटद्वार को चुना। यहां उन्होंने श्रम विभाग में रजिस्टर्ड रहे और अब स्वर्ग सिधार चुके मज़दूरों के दो अनाथ बच्चों को पेंशन के चेक दिए। अटल पोषण भत्ता योजना के तहत श्रमिक की मौत होने पर उसके बच्चों को हर महीने 1500 रुपये की पेंशन मिलती है। यह पेंशन बच्चों के बालिग होने तक मिलती है।

सीएससी से बन सकते हैं श्रमिक कार्ड 

श्रम मंत्री हरक सिंह रावत ने दावा किया कि सरकार श्रमिक परिवारों की हर संभव मदद कर रही है।  उन्होंने कहा कि कोरोना काल में श्रमिकों को सहायता देने के लिए श्रम विभाग की ओर से काफ़ी कुछ किया गया जिनमें राशन किट से लेकर, आर्थिक मदद भी दी गई है।

श्रम मंत्री ने कहा कि श्रमिकों और उनके बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए श्रम विभाग बहुत सी योजनाएं की योजनाएं चलाई जा रही हैं। श्रमिक की मौत के बाद उनके बच्चों का श्रम विभाग ख्याल रखता है और अटल पोषण भत्ता योजना इसका उदाहरण है।

रावत ने कहा कि श्रम कार्ड बनाने के लिए पहले श्रमिकों को श्रम विभाग के कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ते थे लेकिन अब कोई भी श्रमिक आसानी से अपना श्रम कार्ड बना सकेगा और श्रम कार्ड को रिन्यू भी करा सकेगा। श्रमिकों की सुरक्षा के लिए विभाग ने सीएससी सेंटर्स को श्रम कार्ड बनाने के अधिकार दे दिए हैं।

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *