उत्तराखंडः सिर्फ़ एक दिन का हो सकता है विधानसभा सत्र, कैबिनेट बैठक में दिए गए संकेत

कैबिनेट बैठक में कुल 32 प्रस्ताव लाए गए थे। इनमें से 30 को मंज़ूरी दी गई।

देहरादून। 23 सितंबर से होने वाले विधानसभा  सत्र को लेकर अब भी स्थिति साफ़ नहीं हो पाई है। आज हुई कैबिनेट बैठक में संकेत दिए गए कि यह सत्र एक दिन का भी हो सकता है। कैबिनेट में सत्र के आयोजन पर चर्चा हुई और अन्य राज्यों में कोरोना काल में एक दिन के सत्र के आयोजन का हवाला दिया गया। इससे पहले मुख्यमंत्री सुझाव दे चुके हैं कि सचिवालय स्थित विश्वकर्मा भवन के वीर चंद्र सिंह हॉल में सत्र के आयोजन पर विचार किया जाए। दरअसल मौजूदा विधानसभा भवन में इतनी जगह नहीं है कि सोशल डिस्टेंसिंग के साथ सभी विधायक बैठ सकें।

कैबिनेट बैठक में कुल 32 प्रस्ताव लाए गए थे। इनमें से एक को वापस कर दिया गया और एक पर कैबिनेट समिति बना दी गई और बाकी 30 प्रस्तावों को मंज़ूरी दी गई।

कैबिनेट के महत्वपूर्ण फ़ैसलों पर एक नज़र

    • उत्तराखण्ड तकनीकी विश्वविद्यालय का नाम वीर माधो सिंह भण्डारी उत्तराखण्ड प्रौद्योगिकी विश्वविधालय किया गया।
    • पेयजल निगम प्रबन्ध निदेशक पद चयन भर्ती नियमावली को मंज़ूरी दे दी गई।
    • संस्कृति निदेशालय में महानिदेशक का पद सृजित किया गया।
    • लोक निर्माण विभाग में संविदा पर लगे 307 कनिष्ठ अभियंताओं का वेतन बढ़ाया गया वेतन। 15,000 के बजाए अब 24,000 मिलेंगे।
    • JCO रैंक से नीचे वाले पूर्व सैनिकों या उनकी विधवाओं का हाउस टैक्स से छूट देने को मंज़ूरी।
    • सार्वजनिक स्थानों पर मास्क पहनने और जुर्माने के प्रवावधान को लेकर विधेयक लाने को मिली मंज़ूरी।
    • कुल छह श्रम सुधार से सम्बन्धित अध्यादेश को विधेयक के रूप में लाएगी सरकार।
    • केदारनाथ मुख्य पैदल मार्ग के चौड़ीकरण, मन्दिर चौड़ीकरण के लिए भूमि अधिग्रहण के बदले प्रभावित लोगों को आवंटित भूमि पर भूमिधरी का अधिकार देने को मंज़ूरी

 

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