असम और हरियाणा के बाद अब उत्तराखंड में भी NRC की चर्चा

उत्तराखंड, ब्यूरो | असम में राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर लागू किए जाने के बाद अब देश में इसे लेकर एक नई बहस शुरू हो गई है। हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने प्रदेश में एनआरसी लागू करने का ऐलान कर दिया है, जबकि कई प्रदेशों में एनआरसी लागू करने की बात की जाने लगी है।  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा जरूरत पड़ने पर एनआरसी लागू करने की बात कहे जाने के बाद अब उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत भी उसी राह पर चलते दिख रहे हैं। मुख्यमंत्री रावत ने सोमवार को राजधानी देहरादून में कहा कि उत्तराखंड में भी एनआरसी लागू किया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि हम इस संबंध में मंत्रिमंडल से विचार विमर्श करेंगे। मंत्रिमंडल से चर्चा के बाद ही इस बारे में कोई फैसला लिया जाएगा। मुख्यमंत्री रावत ने एनआरसी को घुसपैठ रोकने का सबसे अच्छा तरीका बताते हुए कहा कि उत्तराखंड भी अंतरराष्ट्रीय सीमाओं से घिरा है। जरूरत पड़ी तो हम भी प्रदेश में एनआरसी लागू करेंगे।  मुख्यमंत्री ने कहा कि जो लोग भी उत्तराखंड में अनाधिकृत रूप से रहते पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। गौरतलब है कि उत्तराखंड, विशेषकर उधम सिंह नगर जिले के कई क्षेत्रों में बांग्लादेशी नागरिकों की संख्या अधिक है। बांग्लादेश गठन के वक्त बड़ी तादाद में लोग उत्तराखंड आ गए थे।

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