आखिर दिलबर सिंह क्यों बंद है मुंबई जेल में – रोशन रतूड़ी

आज रोशन भाई का एक वीडियो देख रहा था, जिसमें वह बता रहे थे कि कैसे हमारे उत्तराखंड का एक युवक हमारे ही देश के दुसरे राज्य (महाराष्ट्र)में फंसा हुआ है। युवक का नाम दिलबर सिंह चौहान, पिता का नाम श्री गगां सिंह चौहान, ग्राम-कसतल, पट्टी डुगमदार, ज़िला टिहरी गढ़वाल, उतराखड का रहने वाला है। जिसको झूठे केस में फँसाकर मुंबई के थाने जेल में क़ैद किया गया है। क्राइम न०. 205/14, धारा 307 लगी है। रतूड़ी जी बोलते हैं कि मेरा उत्तराखंड सरकार व वहां के मुख्य पदों पर आसीन अधिकारियों से निवेदन है कि इस विषय को गम्भीरता के साथ लें और मुम्बई पुलिस हैड क्वार्टर व महाराष्ट्र सरकार से बात करें और पता करें कि क्यों हमारा एक उत्तराखंड का निवासी वहां पर फंसा हुआ है। आखिर राज्य के नेताओं व अधिकारियों का यह कर्तव्य है कि वह राज्य के सभी लोगों का ख्याल रखें खास कर के उन लोगों का जो राज्य या देश से बहार जा कर काम करते हैं और अपने राज्य उत्तराखंड को टेक्स देते हैं। जिससे हमारा एक उत्तराखंडी बेक़सूर भाई अपने परिवार से मिल सके। दिलबर सिंह बहुत ही ग़रीब परिवार से है इनके परिवार के पास आज खाने तक के लिए कुछ नहीं है, ना ही रहने के लिए अपना मकान है। आज यह परिवार लोगों की दया पर जिन्दा है और दर-दर की ठोकर खा रहा है। सरकार अगर इस विषय को गंभीरता से नहीं लेती है तो सिर्फ एक दिलबर सिंह ही नहीं तीन और जिंदगियां तबाह हो जायेंगी।

रतूड़ी जी का उत्तराखंड की सरकार से निवेदन करते हैं कि अगर जांच में पाया जाता है कि दिलबर सिंह ने सही में कोई गलती की है तो कम से कम उसके गरीब परिवार को देखते हुए दिलबर सिंह को उत्तराखंड की किसी जेल में ही शिफ्ट करवा दिया जाये जिससे कम से कम उसका गरीब व बूढा पिता उसको कभी-कभी मिल तो पायेगा, उनको कम से कम यह सुकून तो रहेगा की वह जिन्दा है। क्योंकि मुंबई की जेल तक वह जा नहीं सकता, कम से कम अपने राज्य में वह अपने बेटे को कभी कबार देख तो पायेगा।

रतूड़ी जी का सिर्फ एक ही मानना है कि जितना हो सके मानव सेवा करें क्योंकि दुबारा मौका नहीं मिलेगा, आज मौका मिल रहा है तो करते चलें इससे बड़ा कोई सुख नहीं है इस जीवन में।

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