सामाजिक सहकार का एक कोना कक्षा का, नौनीहालों में दे रहा है, एक नयी मुस्कान

अक्सर स्कूल में कई बार छोटे बच्चे अपने पाठय्क्रम की पुस्तक से जब उब जाते हैं, तो वह कुछ अलग पढने की सोचते हैं, लेकिन उनको वह सुविधा पहाड़ के सरकारी विद्यालयों में तमाम विपरीत परिस्थितियों के कारण नहीं मिल पाती है। ऐसे में विद्यार्थी कुछ अलग पढे, उसकी वह चाह वहीं खतम हो जाती है। कई बार यह भी देखने मेंं आया है कि पुस्तकों में नई रोचक, कहानी, जानकारी, ज्ञान से बच्चों में परिवर्तन आ जाते हैं। जहॉ एक तरफ सरकार की जिम्मेदार तय की गयी है कि वह नौनीहालों के लिए शिक्षा व्यवस्था, पाठ्यक्रम, परीक्षा की व्यवस्था करे, उसके इतर सामाजिक प्राणी होने के नाते एक मानव का कर्त्तव्य है कि वह देश के भविष्य के निर्माण में अपना योगदान दे सकते हैं।
आज पहाड़ के सरकारी विद्यालयों में नयी मुस्कान लाने के लिए धाद संस्था उत्तराखण्ड ने एक ऐसी पहल की जो जन सहकार से जुडी है। इस सामाजिक सहकार के अन्तर्गत एक कोना कक्षा का जिसमें बच्चों को ज्ञानवर्धक किताबें दी जाती हैं। इसमें ना किसी प्रकार का कोई सरकारी सहयोग है, ना विदेश से आने वाला कोई फण्ड, यह हमारे समाज के बीच रहने वाले उन समृद्ध बुद्धिजीवी, सामाजिक चिंतक लोगों का सहयोग है, जो एक कोना कक्षा का देकर नौनीहालों के जीवन में नयी मुस्कान ला रहे हैं, यह समाज के जागृत लोगों का सामुहिक प्रयास है जो अपने क्षेत्र के स्कूल एवं नौनीहालों को रोचक एवं ज्ञानवर्धक पुस्तकों के माध्यम से शिक्षा के क्षेत्र में क्रान्ति लाना चाहते हैं।

उत्तराखंड विशेषकर पर्वतीय क्षेत्र की शिक्षा आज भी मूलतः सरकारी स्कूलों पर आश्रित है। वर्तमान में शिक्षण सामग्री की व्यवस्था स्कूल द्वारा की जाती है किंतु आज के दौर में एक बेहतर शिक्षा को आधुनिक और उच्च मानकों की शिक्षण सामग्री की जरूरत है जिस से बच्चे एक सशक्त मानव संसाधन बन सकें। दूरस्थ क्षेत्र में होने के कारण वहां स्तरीय पुस्तकों की व्यवस्था अपने आप में चुनौती है।
धाद ने इस दिशा में समाज के सहयोग पर आधारित एक कार्यक्रम विकसित किया है ’एक कोना कक्षा का’। जहां हम समाज के सहयोग से हर स्कूल में एक कोना पुस्तकों का तैयार करते हैं। इस अभियान को हमने विशेष रूप से पर्वतीय गाँव और उनके स्कूलों तक जोड़ने के लिए सभी लोगों से अपने गाँव के स्कूल के साथ जुड़ने की अपील की है। उन सभी लोगों से अपील कर रहे हैं जो एक बेहतर उत्तराखंड का सपना देखते हैं और अपने गाँव या उससे जुड़े क्षेत्र के लिये काम करना चाहते हंए उसे सुंदर और सक्षम देखना चाहते है। साथ ही उसकी बेहतरी के लिये योगदान करने की इच्छा भी रखते हैं। धाद ऐसा एक कार्यक्रम पिछले डेढ़ साल से चला रही है जिसमें आज पूरे प्रदेश के अलग.अलग जिलों में 400 ऐसे ही कोने अलग.अलग स्कूलों में चलाये जा रहे हैं और वहां के बच्चे चम्पक नंदन, प्लूटो, चकमक, साइकिल और देश के सबसे प्रतिष्ठित प्रकाशकों की पुस्तकें पढ़ रहे हैं। इस कक्षा कोने के अन्तर्गत हर वर्ष 25 किताबें ;कक्षा पांच तकद्ध 20 किताबें ;कक्षा आठ तकद्ध एवं सामान्य ज्ञान वार्षिकी रैपिडैक्स इंग्लिश स्पीकिंग कोर्स;माध्यमिक स्तरद्ध तथा एक मासिक द्विमासिक पत्रिका भेजी जाएगी।

यदि किसी अच्छे सामाजिक कार्य की शुरूवात यदि करनी हो तो स्वंय से करनी चाहिए ताकि समाज उसका अनुकरण कर सके। इसके तहत धाद के शैक्षिक एकांश के संचालक एवम कार्यकारी सचिव श्री गणेश उनियाल जी के प्रयासों से आज उत्तराखण्ड के लगभग 400 स्कूलों मे एक कक्षा कोना का संचालित हो रहा है। इसी कड़ी में हम जिला पौड़ी गढवाल के यमकेश्वर प्रखण्ड में भी 20 स्कूलों में भी 23 कक्षा कोना संचालित हो रहे हैं। यमकेश्वर में इस नेक कार्य की जिम्मेदारी हमको भी दी गयी है, जिसमें यमकेश्वर मूल के संभ्रात लोगों का हमें सहयोग मिल रहा है, जिसके फलस्वरूप आज यमकेश्वर क्षेत्र में इन विद्यालयों में सामाजिक सहकार के अन्तर्गत इन स्कूलों में एक कक्षा कोना संचालित हो रहा है, और कुछ में इसी फरवरी माह से शुरू हो जायेगा। हमारा उद्देश्य प्रदेश के सारे स्कूलों में इस कार्यक्रम को करने का है, इसी सन्दर्भ में हम यमकेश्वर क्षेत्र के समस्त स्कूलों में एक कक्षा कोना के संचालन के लिए प्रतिबद्ध हैं, जिसमें यमकेश्वर के सामाजिक जागरूक लोगों से अपील करना चाहते हैं कि अपने गॉव के स्कूल के नौनीहालों के चेहरे पर एक मुस्कान देने की पहल करें।

यमकेश्वर के संदर्भ में कहना चाहूॅगा कि यमकेश्वर के इन स्कूलों मे श्री गणेश उनियाल जी के अथक प्रयासों से एक कक्षा कोना संचालित हो रहा है, जिसमें राजकीय आदर्श विद्यालय बडोली बड़ी, रा.प्रा0वि0 कांडा, रा.प्रा0वि0 दमराड़ा, उच्च प्रा0 वि0 जिया दमराड़ा, उच्च प्रा0 वि0 ठुण्डा, रा.प्रा0वि0 ठुण्डा, रा.प्रा0वि0 खेड़ा, रा.प्रा0वि0 दिउली।
इसके अतिरिक्त इन स्कूलो में जल्दी ही एक कक्षा कोना की शुरूवात हो जायेगी जिसमें रा0ई0कॉ0 भृगुखाल, इ0कॉलेज, यमकेश्वर, (दो कक्षा कोना )रा.प्रा0वि0 पोखरी, रा.प्रा0वि0 भृगुखाल, इण्टर कॉलेज किमसार (तीन कक्षा कोना – श्री सुनील नेगी, श्री दीपक बिष्ट, हरीश कंडवाल मनखी ), राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, अमोला,( शांति अमोली बिंजोला) उच्च प्रा0 वि0 ताल बांदणी, ( श्री दिनेश कंडवाल) उच्च प्रा0 वि0 शक्तिखाल, , रा.प्रा0वि0 बुकण्डी, ,( श्रीमती बैसाखी देवी, पत्नी स्व0 श्री दर्शनलाल जोशी) रा.प्रा0वि0 मागथा, , रा.प्रा0वि0 डौंर, , रा.प्रा0वि0 गणेशपुर ।

यदि कोई इस पहल में अपना योगदान करना चाहता है तो आपको बस करना ये है कि आप अपने मूल गाँव का नाम उसकी पट्टी ब्लॉक का विवरण हमें भेज दीजिये। हमारा व्हाट्सअप फ़ोन मेल आई डी नीचे दिया जा रहा है। धाद के साथी वहां के स्कूल के अध्यापक से संपर्क कर वहां कोना स्थापित करने के लिए जरूरी काम करेंगे। यदि आप विद्यालय का चयन करने में असमर्थ हों तो यह काम भी हम पर छोड़ देंए हम उत्तराखंड में कोई भी विद्यालय आपको आवंटित कर देंगे।
हमें आशा है कि आप अपने गाँव की बेहतरी के इस कदम के हिस्सेदार बनेंगे। हमें आशा है कि आपकी सक्रिय भागीदारी हमारे उत्तराखंड के नौनिहालों के लिए बेहतर होगा।
यदि आप इस बात से सहमति रखते हैं कि आपके गाँव तक दुनिया की सबसे अच्छी किताबे पहुंचे तो आप भी इस अभियान का हिस्सा बन सकते हैं। इसके लिए आपको प्रतिमाह 100 रुपये या सालाना 1200 रुपये का योगदान करना है हम इसके एवज में स्कूल के कोने में आपके नाम से एक कोना स्थापित कर देंगे जिसके अंतर्गत हर वर्ष 25 किताबें (कक्षा पांच तक) 20 किताबें (कक्षा आठ तक) एवं सामान्य ज्ञान वार्षिकी,रैपिडैक्स इंग्लिश स्पीकिंग कोर्स(माध्यमिक स्तर) तथा एक मासिक/द्विमासिक पत्रिका भेजी जाएगी।
आप को बस करना ये है कि आप अपने मूल गाँव का नाम उसकी पट्टी ब्लॉक का विवरण हमें भेज दीजिये। हमारा व्हाट्सअप फ़ोन, मेल आई डी नीचे दिया जा रहा है। धाद के साथी वहां के स्कूल के अध्यापक से संपर्क कर वहां कोना स्थापित करने के लिए जरूरी काम करेंगे। यदि आप विद्यालय का चयन करने में असमर्थ हों तो यह काम भी हम पर छोड़ दें, हम उत्तराखंड में कोई भी विद्यालय आपको आवंटित कर देंगे।

गणेश उनियाल
कार्यकारी सचिव, धाद
एवं
संयोजक “बाल सरोकार एकांश”
धाद व्हटसैप नं…
9219510932
gaonkaschool@gmail.com

हरीश कंडवाल मनखी की कलम से

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